समराला: समराला में भारतीय किसान यूनियन (कादियां) के नेताओं और कार्यकत्र्ताओं ने अपनी मेहनत से उगाई गई आलू की फसल को एसडीएम कार्यालय के सामने सड़कों पर फैंक कर मौजूदा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। एसडीएम दफ्तर के सामने विरोध करने के बाद किसानों ने शहर की सड़कों पर भी आलू फैंके। किसानों का आरोप है कि सरकार लोक-लुभावन रैलियों में व्यस्त है लेकिन खेतों में संघर्ष कर रहे ‘अन्नदाता’ की कोई सुध नहीं ले रहा। बीकेयू कादियां के जिला प्रधान हरदीप सिंह ग्यासपुरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों ने कड़ाके की ठंड में दिन-रात मेहनत करके आलू की फसल तैयार की थी।
उन्होंने बताया कि एक एकड़ पर करीब 40 हजार रुपए खर्च और 25-30 हजार रुपये ठेका पड़ता है लेकिन आज हालत यह है कि मंडी में आलू की बोरी 100 रुपए में भी कोई खरीदने को तैयार नहीं है। व्यापारी खेतों में आना बंद कर चुके हैं, जिससे किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो रही। किसानों ने मांग की कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें सही नीतियां बनाएं और वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया जाए तो पंजाब का आलू लाहौर, ईरान और इराक तक पहुंच सकता है। इससे किसानों को अच्छा दाम मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। मनप्रीत सिंह कलाल ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...