लुधियाना। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों ने पंजाब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नीति 2026 के विरोध में सहकारिता विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने पंजाब सरकार से इस नीति के तहत लागू की गई किसान विरोधी शर्तों को तत्काल वापस लेने की मांग की।
किसान संगठनों ने डिप्टी रजिस्ट्रार के माध्यम से पंजाब सरकार को ज्ञापन भेजकर कहा कि नई नीति के तहत दो लाख रुपये से अधिक का कर्ज लेने वाले किसानों के लिए बैंक में जमीन गिरवी रखने की शर्त लागू की गई है। इसके अलावा अन्य बैंकों से फसल ऋण लेने वाले किसानों के लिए ब्याज दर 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 प्रतिशत करने, छोटे और बड़े किसानों की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा मूलधन में ब्याज जोड़ने जैसे प्रावधान किए गए हैं। किसान नेताओं का कहना है कि इन शर्तों से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और उनकी वित्तीय परेशानियां बढ़ेंगी।
इस दौरान किसान यूनियन राजेवाल के नेता रणबीर सिंह और परगट सिंह पनाच, एकता दकौंडा के जिला अध्यक्ष जगतर सिंह डेहारका, तरसेम सिंह बासूवाल और राजिंदर सिंह ने कहा कि सहकारी समितियों में किसानों के शेयर की दर बढ़ाने की शर्त को वापस लिया जाए। साथ ही सितंबर और मार्च में मूलधन में ब्याज जोड़ने की व्यवस्था भी समाप्त की जाए। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की कि किसान हितों को ध्यान में रखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड नीति 2026 के विवादित प्रावधानों को वापस लिया जाए, ताकि किसानों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न पड़े।
📍 Location: लुधियाना (लुधियाना)

