मोगा: भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द कराने, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने तथा विभिन्न फसलों पर एमएसपी निर्धारित करने सहित अन्य मांगों को लेकर विभिन्न किसान जत्थेबंदियों ने किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले सोमवार को पंजाब के सभी 22 जिलों में रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर लंबे समय से सरकारों के समक्ष आवाज उठाई जा रही है, लेकिन उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हितों के लिए नुकसानदायक है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने और सभी प्रमुख फसलों पर लाभकारी एमएसपी निर्धारित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
किसान नेताओं ने बताया कि सोमवार को प्रदर्शन के बाद डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार को मांग पत्र भेजे गए हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो किसान जत्थेबंदियां अगले चरण में 14 से 18 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक राज्य के कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर विशाल धरने देंगी। किसान नेताओं ने कहा कि इसके बावजूद यदि सरकार ने किसानों की मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगले चरण में किसान रेल यातायात की ओर कूच करेंगे और रेल ट्रैक जाम करने का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। किसान नेताओं के अनुसार यह आंदोलन तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक सरकार किसानों की प्रमुख मांगों को मानकर उन्हें लागू नहीं करती। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की, ताकि किसानों को आगामी समय में और बड़े आंदोलन के लिए मजबूर न होना पड़े।
📍 Location: मोगा

