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13 मांगों के लिए किसानों-मजदूरों का मोगा डीसी दफ्तर पर धरना

Farmers Protest Outside Moga DC Office : मोगा। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के आह्वान पर किसानों और मजदूरों ने 13 मांगों को लेकर डीसी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का गेट बंद कर सरकार के खिलाफ रोष जताया और कर्ज माफी, मनरेगा बहाली, मालिकाना हक, पेंशन सुधार व फसल मुआवजे समेत अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर संघर्ष और तेज किया जाएगा।

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प्रदर्शनकारियों ने डीसी कार्यालय के गेट बंद कर दिए, जिसके कारण कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने को संबोधित करते हुए बीकेयू एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सैदोके ने कहा कि संगठन लंबे समय से किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से मांगों को लेकर लगातार टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी अधिकारियों के साथ बैठकें और प्रदर्शन किए गए, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला।

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उन्होंने बताया कि संगठन की 13 प्रमुख मांगों में किसानों-मजदूरों का कर्ज माफ करना, मनरेगा का काम दोबारा सुचारू करवाना, आबादकार किसानों को जमीनों के मालिकाना हक देना, बुढ़ापा पेंशन में सुधार, मजदूरों के कर्ज से संबंधित राहत तथा पानी और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का समाधान करना शामिल है। इसके अलावा बारिश और बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई। अमरजीत सिंह सैदोके ने कहा कि बारिश के कारण बड़ी मात्रा में फसलें खराब हुई हैं, लेकिन प्रभावित किसानों को अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भूजल लगातार नीचे जा रहा है और सरकार को पानी बचाने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर किसानों और मजदूरों को संगठन की मांगों के बारे में जागरूक किया गया है, जिसके बाद आज बड़ी संख्या में लोग धरने में पहुंचे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। धरने के कारण डीसी कार्यालय में अपने काम के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। किसान नेताओं ने इसके लिए लोगों से खेद जताते हुए कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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