Farmers Urged to Complete Farmer Registry : मोगा। कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि सब्सिडी और विभिन्न कृषि सुविधाओं का लाभ सुचारु रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा रही है।
इसी कड़ी में मुख्य कृषि अधिकारी मोगा डॉ. अंमृतपाल सिंह ने जिले के सभी योग्य किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली विभिन्न कृषि योजनाओं, सब्सिडी तथा अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों के नाम पर कृषि योग्य भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, उनके लिए फार्मर रजिस्ट्री करवाना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए कृषि भूमि की मात्रा को लेकर किसी प्रकार की न्यूनतम या अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है। अर्थात जिन किसानों के नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है, वे अपनी भूमि के आधार पर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति खेती के साथ-साथ अन्य व्यवसाय करता है या नौकरी करता है, तो वह भी फार्मर रजिस्ट्री करवाने के लिए योग्य है, बशर्ते उसके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज हो।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस प्रक्रिया को केवल वर्तमान जरूरत के रूप में न देखें, बल्कि भविष्य में मिलने वाली कृषि सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए समय रहते अपना पंजीकरण पूरा करवाएं। डॉ. अंमृतपाल सिंह ने बताया कि एक परिवार के प्रत्येक उस सदस्य की अलग-अलग फार्मर रजिस्ट्री करवाना आवश्यक है, जिसके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है। इसलिए किसान अपने परिवार के सभी योग्य सदस्यों की जानकारी की जांच करवाते हुए उनकी फार्मर आईडी भी बनवाएं।
उन्होंने कहा कि किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), को-ऑपरेटिव सोसायटी या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण के दौरान अपनी भूमि से संबंधित रिकॉर्ड तथा आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाएं, ताकि प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सके। मुख्य कृषि अधिकारी ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लंबित न रखें। किसान स्वयं की तथा अपने परिवार के उन सभी सदस्यों की फार्मर रजिस्ट्री जल्द से जल्द करवाएं, जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल रूप से तैयार की जा रही यह किसान पहचान भविष्य में सरकारी कृषि योजनाओं और सुविधाओं तक पहुंच को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकती है। विभाग की ओर से किसानों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित किसी भी जानकारी या प्रक्रिया को लेकर अपने नजदीकी कृषि कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर अथवा संबंधित को-ऑपरेटिव सोसायटी से संपर्क कर सकते हैं।
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