फतेहगढ़ साहिब : पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणों ब्लॉक स्थित लखनपुर गांव में प्रवासी मजदूरों को लेकर माहौल गरमा गया है। गांव की पंचायत ने एक अहम और विवादास्पद निर्णय लेते हुए प्रवासी परिवारों को सात दिन के भीतर गांव खाली करने का निर्देश दिया है। यह फैसला पंचायत की हालिया बैठक में लिया गया, जिसमें गांव की सुरक्षा, सामाजिक माहौल और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं।
-पंचायत का आरोप: बढ़ते अपराध और नशे की जड़ प्रवासी मजदूर
पंचायत का कहना है कि ये प्रवासी युवक रजवाहों के किनारे डेरा डाले हुए हैं, जो आए दिन गांव की गलियों में अनावश्यक रूप से घूमते रहते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये लोग सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करते हैं, महिलाओं और बच्चों को असहज करते हैं और कुछ मामलों में नशे की खेती और सेवन में भी शामिल पाए गए हैं। इन सभी गतिविधियों ने गांव के वातावरण को प्रभावित किया है और असुरक्षा की भावना को जन्म दिया है।
-पहचान पत्र की गैरमौजूदगी बनी चिंता का विषय
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये प्रवासी पहले तो धान और गेहूं की फसल के सीजन में मजदूरी करने आए थे, लेकिन अब स्थायी रूप से गांव में बसने लगे हैं। इनके पास कोई वैध पहचान पत्र नहीं है, जिससे इनकी पहचान और गतिविधियों की निगरानी मुश्किल हो रही है। सरपंच के मुताबिक, यह स्थिति गांव में कानून व्यवस्था के लिए खतरा बनती जा रही है।
-काम की अनुमति, लेकिन शर्तों के साथ
गांव की पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई जमींदार इन मजदूरों को काम पर रखना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है लेकिन केवल तभी, जब वह मजदूरों के पहचान पत्र प्रस्तुत करे और उनके आचरण की पूरी जिम्मेदारी ले। यह फैसला पंचायत द्वारा गांव में सामाजिक संतुलन बनाए रखने के प्रयासों के तहत लिया गया है।
-प्रशासन से सहयोग की अपील
सरपंच ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा है कि गांव में बढ़ रही आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए प्रशासनिक सहायता जरूरी है। पंचायत चाहती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रवासी मजदूरों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।

