हाल ही में, केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्यों ने जलालाबाद में धान के स्टॉक की जांच की। इस अभियान के तहत, जलालाबाद मार्केट कमेटी ने पंजाब के बाहर से धान ले जा रही एक ट्रॉली को रोका। जांच के बाद, मामला पुलिस के ध्यान में लाया गया और दूसरे राज्य से पंजाब की अनाज मंडियों में अवैध रूप से धान लाने में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी नियमों का उल्लंघन करके बाहर से धान लाने या पंजाब में बेचने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन पंजाब के किसानों द्वारा मंडियों में लाए गए धान की सुचारू खरीद और खरीद एजेंसियों द्वारा स्टॉक को समय पर उठाने (लिफ्टिंग) को भी सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही, मंडियों में आने वाले धान की गुणवत्ता और स्रोत की भी निगरानी की जा रही है। किसानों से यह भी आग्रह किया जाता है कि वे अपनी धान की फसल पूरी तरह पकने के बाद ही काटें और उसके बाद ही मंडियों में लाएं, ताकि बिना किसी देरी के इसकी बिक्री सुनिश्चित की जा सके।
ज़िले में धान की खरीद और लिफ्टिंग की स्थिति: 7 अक्टूबर तक, ज़िले की 14 मंडियों (अनाज मंडियों) में कुल 8,717 मीट्रिक टन धान आया था, जिसमें से 7,132 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। अब तक 5,993 मीट्रिक टन धान उठाया जा चुका है। सभी सरकारी खरीद एजेंसियों ने मंडियों से धान की खरीद और लिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया है, और लिफ्टिंग प्रक्रिया के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को खरीद और उठान की गति तेज करने का निर्देश दिया है।
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