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धान की सीधी बुवाई को लेकर खेत दिवस का आयोजन, किसानों को बताए पानी बचत करने के फायदे

तरनतारन: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, तरनतारन की ओर से गांव हरदो चक बांबा में धान की सीधी बुवाई (DSR) को लेकर खेत दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सीधी बुवाई की तकनीक, इसके लाभ और फसल प्रबंधन के बारे में जागरूक करना था।

किसानों को विश्वविद्यालय की नई तकनीकों से कराया परिचित

कार्यक्रम की शुरुआत फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, तरनतारन के प्रभारी डॉ. परविंदर सिंह ने की। उन्होंने किसानों को खेत दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी और विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के लिए किए जा रहे नए शोध कार्यों से अवगत कराया।

उन्होंने धान की सीधी बुवाई अपनाने वाले किसानों को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और पंजाब सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।

लक्की सीड ड्रिल के इस्तेमाल की सलाह

जिला विस्तार विशेषज्ञ (फसल वैज्ञानिक) डॉ. परमिंदर सिंह संधू ने किसानों को धान की सीधी बुवाई के लिए लक्की सीड ड्रिल का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यह मशीन बुवाई के साथ-साथ खरपतवारनाशक के छिड़काव का काम भी कर सकती है।

उन्होंने कहा कि धान की सीधी बुवाई से पानी की बचत और खेती की लागत में कमी आती है। इसके अलावा धान के बाद बोई जाने वाली गेहूं की फसल के उत्पादन में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

धान और बासमती में रोगों की रोकथाम पर जानकारी

प्रमुख विस्तार वैज्ञानिक (पौधा रोग) डॉ. परमिंदर कौर सहिजपाल ने किसानों को धान और बासमती में कीटों तथा विभिन्न रोगों की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने फसल की नियमित निगरानी और समय पर उचित उपाय अपनाने पर जोर दिया।

किसानों ने साझा किए सीधी बुवाई के अनुभव

इस अवसर पर गांव हरदो चक बांबा के किसान कुलदीप सिंह ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से ऐसे जागरूकता कार्यक्रम क्षेत्र में अधिक से अधिक आयोजित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नई कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

वहीं किसान अमरिंदरजीत सिंह ने अन्य किसानों के साथ धान की सीधी बुवाई को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

वैज्ञानिकों ने खेतों का किया दौरा

कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का दौरा किया। इस दौरान सीधी बुवाई तकनीक अपनाने वाले किसानों को फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, तरनतारन की ओर से सम्मानित भी किया गया।

इसके अलावा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के साहित्य की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों के लिए सर्दी के मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियों के बीजों की किट और तोरिया के बीज की बिक्री भी की गई।

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