
पंजाब डेस्क: संगरूर के गांव तूर बंजारा में विकास कार्यों से संबंधित एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब में नशे और चिट्टे के मुद्दे पर तीखा सवाल किया। इस दौरान गांव के निवासी गुलजार सिंह ने दावा किया कि पंजाब में अभी तक चिट्टे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
बेटे के नशे का शिकार होने का दावा
गुलजार सिंह ने अपने बेटे का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उनका बेटा भी नशे का शिकार था। उन्होंने दावा किया कि बेटे की मौत के बाद परिस्थितियां इतनी गंभीर हो गईं कि उसने आत्महत्या कर ली।
गुलजार सिंह के अनुसार, आत्महत्या से पहले उनके बेटे ने एक डाइंग डिक्लेरेशन दिया था, जिसमें कथित तौर पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और गांव के सरपंच को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया था।
FIR दर्ज कर जांच की मांग
गुलजार सिंह ने मांग की कि कथित डाइंग डिक्लेरेशन के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोप साबित होते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरे मामले का भी दिया हवाला
गुलजार सिंह ने अपने दावे के समर्थन में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से जुड़े एक अन्य मामले का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि एक मामले में वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह ने आत्महत्या की थी और कथित डाइंग डिक्लेरेशन में मंत्री का नाम आने की बात सामने आई थी।
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