पंजाब डेस्क: लुधियाना की डाइंग इंडस्ट्री की ओर से बिजली कटौती के विरोध में चंडीगढ़ रोड जाम कर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस कार्रवाई के बाद डाइंग एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शन को उद्योग के हित में उठाया गया जरूरी कदम बताया। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि यदि उद्योगों को दोबारा लंबी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा तो वे फिर से प्रदर्शन कर सकते हैं।
14 घंटे तक बिजली कटौती का दावा
डाइंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, उद्योगों को कथित तौर पर लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था। एसोसिएशन के नेता बॉबी जिंदल ने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने समस्या उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
उनके मुताबिक, बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात के बाद भी समस्या बनी रही, जिसके बाद उद्योग से जुड़े लोगों ने चंडीगढ़ रोड पर धरना देने का फैसला किया।
सड़क जाम मामले में 200-250 लोगों पर केस
थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस की ओर से दर्ज मामले में इंडस्ट्री नेता बॉबी जिंदल समेत करीब 200 से 250 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामला सड़क जाम कर प्रदर्शन करने से संबंधित बताया गया है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद डाइंग एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा और कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य उद्योग की बिजली संबंधी समस्या को उठाना था।
प्रदर्शन के बाद बिजली कटौती बंद होने का दावा
बॉबी जिंदल ने कहा कि प्रदर्शन के बाद उद्योगों में बिजली कटौती नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि धरना उद्योग की समस्याओं को सामने रखने के लिए किया गया था और इसका उद्देश्य किसी तरह की परेशानी पैदा करना नहीं था।
बिजली कटौती हुई तो फिर धरने की चेतावनी
डाइंग एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि उद्योगों को दोबारा लंबे बिजली कटों का सामना करना पड़ा तो वे फिर से धरना देने पर विचार करेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि उद्योगों के संचालन के लिए लगातार बिजली आपूर्ति जरूरी है और इस मुद्दे को लेकर वे अपनी मांगें प्रशासन के सामने उठाते रहेंगे।
📍 Location: Ludhiana (Ludhiana)

