
Fish farming to emerge as a new startup option : लुधियाना। गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फिशरीज़ ने युवाओं को एक्वा-एंटरप्रेन्योरशिप और मछली पालन में रोजगार व बिजनेस की संभावनाओं से रूबरू कराया। सेमिनार में विशेषज्ञों ने मछली पालन, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को नए स्टार्टअप अवसरों के रूप में अपनाने की जानकारी दी। वाइस चांसलर डॉ. जी.पी.एस. गिल ने युवाओं को नौकरी के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
मछली पालन, मछली प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और इससे जुड़े दूसरे क्षेत्रों में युवाओं के लिए कई संभावनाएं हैं। सेमिनार में युवाओं को बताया गया कि अगर वे एक्वाकल्चर और मछली पालन को अपना पेशा चुनते हैं, तो यूनिवर्सिटी और सरकार उन्हें तकनीकी जानकारी, ट्रेनिंग और ज़रूरी मदद देते हैं। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जी.पी.एस. गिल ने भी छात्रों के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं को नई संभावनाओं को पहचानकर पारंपरिक नौकरियों के बजाय अपना खुद का काम शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में स्किल, ज्ञान और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर न सिर्फ़ उनके लिए रोज़गार के मौके पैदा किए जा सकते हैं, बल्कि खेती से जुड़े दूसरे उद्योगों को भी मज़बूत किया जा सकता है। सेमिनार के दौरान छात्रों ने मछली पालन से जुड़ा स्टार्टअप शुरू करने, सरकारी मदद पाने और इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के बारे में कई सवाल भी पूछे।
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