अमृतसर: 17 अगस्त 1909 को महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा जी को लंदन की पेंटनविल जेल में फांसी दी गई थी। उन्होंने 1 जुलाई 1909 को लंदन में ब्रिटिश अधिकारी सर विलियम हट कर्ज़न वायली की हत्या कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने प्रखर विरोध का ऐतिहासिक परिचय दिया। मदन लाल ढींगरा जी ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनकी वीरता, देशभक्ति और बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा।
अमृतसर टाउन हाल स्थित उनकी प्रतिमा पर पूर्व मंत्री बहन लक्ष्मी कांता चावला ओर उनके साथियों ने फुल अर्पित कर उनको श्रद्धाजलि दी। पुलिस बैंड ने देश भक्ति की धुनें बजा कर शहीद को अपनी श्रद्धांजलि दी। स्कूल के छोटे छोटे बच्चों ने देश भगती के गीत गाए।
इस मौके बहन लक्ष्मी कांता चावला ने बताया कि महान शहीद मदन लाल ढींगरा अमृतसर का पहल शहीद था, जिसने 17 वर्ष की आयु में शहीदी हासिल की। आज से कुछ साल पहले अमृतसर निवासियों को ओर देश वासियों को मदन लाल ढींगरा के बारे में जानकारी ही नहीं थी। देश के महान शहीद मदन लाल ढींगरा की प्रतिमा शापित की यही नहीं उनका स्मारक भी यह बनाया गया आज उनके बलिदान दिवस पर देश वासी उनको अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है

