Site icon Dainik Savera Times

किसानों को वर्मीकम्पोस्ट के फायदे और उपयोग बताए

Focus on Soil Health Through Vermicompost : अमृतसर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से लोहका स्थित पन्नू वर्मीकम्पोस्ट फार्म में ATMA योजना के तहत वर्मीकम्पोस्ट फार्म स्कूल का चौथा और अंतिम सत्र आयोजित किया गया। किसानों को वर्मीकम्पोस्ट बनाने, इसके उपयोग, मिट्टी की सेहत सुधारने और टिकाऊ खेती के लिए जैविक संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई।

इस मौके पर डॉ. भूपिंदर सिंह ने किसानों को वर्मीकम्पोस्ट के महत्व, इसे बनाने के तरीके और इसके सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिट्टी की सेहत सुधारने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में इसकी अहम भूमिका है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक खेती के तरीके अपनाने और जैविक संसाधनों का असरदार ढंग से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। ADO (पौधा संरक्षण) डॉ. परमिंदर कौर ने फ़सलों में लगने वाले कीड़ों और बीमारियों की पहचान और उनसे बचाव के साथ-साथ पौधों के असरदार संरक्षण प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।

इसके अलावा, वर्मीकम्पोस्ट यूनिट लगाने के लिए सरकार से मिलने वाली सब्सिडी और आर्थिक मदद के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रगतिशील किसान तरसेम सिंह ने वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन के अपने व्यावहारिक अनुभव दूसरे किसानों के साथ साझा किए। सेशन के आखिर में, भाग लेने वाले किसानों को सर्टिफिकेट, सब्ज़ियों के बीज किट और वर्मीकम्पोस्ट के पैकेट बांटे गए। इस मौके पर किसानों को वैज्ञानिक खेती के तरीके अपनाने और मिट्टी की सेहत सुधारने, खेती में लगने वाली लागत को सही रखने और पर्यावरण को बचाने के लिए वर्मीकम्पोस्ट समेत जैविक संसाधनों का असरदार ढंग से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

गुरदेव सिंह मानकपुरा, गुरदेव सिंह सरहाली (कृषि सहायक प्रबंधक), कृषि उप-निरीक्षक निशान सिंह और स्थानीय किसानों ने इस सेशन के सफल आयोजन में सहयोग दिया। इस मौके पर किसानों को 29 सितंबर को नौशेहरा पन्नुआं के भथल फ़ार्म में होने वाले ज़िला-स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया।

Exit mobile version