अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब से आज तीसरे दिन शुरू हुआ मीरी पीरी खालसा मार्च खालसा जाहो-जलाल के साथ गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा साहिब से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, तरनतारन साहिब तक शुरू हुआ। शुरू होने से पहले, गुरुद्वारा साहिब में सजे दीवान के दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने कथा सुनाई और श्री अकाल तख्त साहिब के एग्जीक्यूटिव जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी संगत के साथ अपने विचार शेयर किए।
इस मौके पर बोलते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम का सबसे ऊंचा तख्त है, जहां से गुरु साहिब ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने और सच का साथ देने का उपदेश दिया। मीरी पीरी दिवस को समर्पित खालसा मार्च का मकसद युवाओं और संगत को अमीर विरासत से जोड़ना और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना है। ज्ञानी गड़गज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु का अमर सिंहासन है, जिसे चुनौती देने वाली ताकतें कभी कामयाब नहीं हुईं और न कभी होंगी। माझा की धरती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस इलाके में कई बहादुर योद्धा पैदा हुए, जिन्होंने सिख सिद्धांतों के लिए शहादत दी। शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए जत्थेदार साहिब ने युवाओं को नशे से दूर रहने और सिख संस्थाओं की तरक्की के लिए एकजुट होने की प्रेरणा दी।
इस दौरान SGPC के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मों और गुरु साहिब द्वारा दिए गए मीरी पीरी के सिद्धांतों को घर-घर तक पहुंचाना पूरे पंथ की मिली-जुली जिम्मेदारी है। SGPC सिख संगठनों, पंथों और संगत के सहयोग से इस काम के लिए लगातार काम कर रही है। एडवोकेट धामी ने कहा कि गुरु साहिब द्वारा दिए गए मीरी पीरी के सिद्धांत के अनुसार, सिखों के लिए धर्म और राजनीति एक साथ हैं। यह सिद्धांत दुनिया के इतिहास में अनोखा है, जिसके अनुसार सिखों द्वारा बनाए गए नियम की मिसाल कहीं नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि संगत द्वारा मीरी पीरी खालसा मार्च को दिया जा रहा सम्मान दिखाता है कि सिख हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने सिख समुदाय को गुरबानी और सिख सिद्धांतों से जुड़कर राष्ट्रीय अस्तित्व के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया। एडवोकेट धामी ने मीरी पीरी खालसा मार्च का अलग-अलग पड़ावों पर संगत द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सम्मान देने के लिए संगत का खास तौर पर धन्यवाद भी किया।
इस बीच मीडिया से बात करते हुए सीनियर अकाली नेता और पूर्व MLA स. विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि मीरी पीरी खालसा मार्च सिख समुदाय को श्री अकाल तख्त साहिब और सिख सिद्धांतों से जोड़ने की एक बड़ी कोशिश है। उन्होंने कहा कि सिख सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों का मुकाबला करने के लिए सिख समुदाय को एकजुट होने की बहुत ज़रूरत है। उन्होंने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब की इस कोशिश की तारीफ़ की और संगत से अपील की कि वे इस खालसा मार्च में ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा लें।
यह खालसा मार्च गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा साहिब से शुरू होकर झबल, सुरसिंह, भिखीविंड, पहुंविंड, अमरकोट, वल्टोहा, घरियाना, पट्टी मोड़, चुसलेवर, दयालपुरा, शहबाजपुर, मानोचाहल, दलेके, पलासौर से होता हुआ गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, श्री तरनतारन साहिब पहुंचा। अलग-अलग पड़ावों पर संगत ने खालसा मार्च का बड़े जोश के साथ स्वागत किया, पंज प्यारे साहिबों, निशानची सिंहों को सिरोपा भेंट किए और रुमाला साहिब भेंट करके श्री गुरु ग्रंथ साहिब को श्रद्धांजलि दी। खालसा मार्च शुरू होने के मौके पर पंजाब पुलिस ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी साहिब को सलामी दी। निहंग सिंह दलों ने हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ खालसा मार्च में हिस्सा लिया। गुरुओं और शहीद सिंहों के हथियार ले जा रही बस और अलग-अलग गाड़ियों पर शहीद सिंहों की तस्वीरें संगत के लिए खास आकर्षण थीं।
इस अवसर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह, गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी निशान सिंह, निहंग सिंह दल के प्रमुख बाबा मेजर सिंह सोढ़ी, वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व विधायक स. विरसा सिंह वल्टोहा, हलका इंचार्ज बीबी कंचनप्रीत कौर, एसजीपीसी सदस्य भाई मनजीत सिंह, भाई अजैब सिंह अभिषेक, बीबी जोगिंदर कौर बठिंडा, ओएसडी स. सतबीर सिंह, सचिव स. बलविंदर सिंह काहलवां, उप सचिव स. गुरनाम सिंह, स. हरभजन सिंह वक्ता, युवा अकाली नेता स. गौरवदीप सिंह वल्टोहा, बाबा अवतार सिंह धत्तल, बाबा चरणजीत सिंह, बाबा नाहर सिंह साध जी, बाबा प्रेम सिंह, बाबा सतनाम सिंह, बाबा गुरबचन सिंह, बाबा मौज दास, इंचार्ज स. जगदीश सिंह बुट्टर, मैनेजर स. नरिंदर सिंह, मुख्य प्रचारक भाई जगदेव सिंह, भाई सरबजीत सिंह धोतियां, स. जसबीर सिंह, स. धरमिंदर सिंह, सरदार हरजिंदर सिंह पट्टी और बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

