Site icon Dainik Savera Times

Punjab के पूर्व DGP पर शिकंजा? धर्मों के बीच नफरत फैलाने का आरोप, भेजा गया नोटिस

चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और मलेरकोटला के शमसुद्दीन चौधरी के बीच विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। अपने बेटे की मौत के मामले की जांच में मुस्तफा के खिलाफ पंचकूला में केस दर्ज करवाने वाले शमसुद्दीन ने अब पूर्व DGP को बदनामी, धमकी और धार्मिक नफरत भड़काने के आरोपों में कानूनी नोटिस जारी किया है।

वकील के माध्यम से भेजा गया नोटिस

शमसुद्दीन चौधरी ने यह नोटिस अपने वकील जतिंदर सिंह बागड़ी के जरिए भेजा है। नोटिस में मुस्तफा पर झूठे आरोप लगाने, गाली-गलौज करने और दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

इस बीच, मोहम्मद मुस्तफा ने नोटिस का पंजाबी अनुवाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा है कि वे जल्द ही इसका औपचारिक जवाब देंगे।

शमसुद्दीन का दावा- ‘मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश’

शमसुद्दीन के अनुसार, पूर्व DGP ने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। उनका कहना है कि मुस्तफा के पुत्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने अपने ही परिवार पर गंभीर आरोप लगाए थे।

यही वीडियो आधार बनाकर चौधरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच जारी है। शमसुद्दीन का आरोप है कि इसी शिकायत से नाराज़ होकर मुस्तफा ने उनके तथा उनके परिवार के खिलाफ भ्रामक बातें फैलाईं।

ये भी पढ़ें: Jalandhar में 13 वर्षीय बच्ची की हत्या मामले में सामने आया कोर्ट का ये बड़ा फैसला

15 दिन की मोहलत:नहीं मांगी माफी तो कानूनी कार्रवाई

नोटिस में IPC 2023 की धारा 351 (मानहानि), 358 और 359 (धार्मिक नफरत फैलाने से संबंधित अपराध) का हवाला दिया गया है। नोटिस के अनुसार, मुस्तफा को 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, अन्यथा उनके खिलाफ अदालत में मामला दायर किया जाएगा।

पोस्ट और वीडियो हटाने की भी मांग

नोटिस में यह भी कहा गया है कि मुस्तफा सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर दिए गए वे सभी बयान वापस लें, जिनमें शमसुद्दीन पर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही, संबंधित सभी वीडियो और पोस्ट तुरंत हटाने की मांग भी रखी गई है।

Exit mobile version