Fraud strikes army friendship; over 1 crore lost : मोगा। सेना के पुराने साथी पर भरोसा करना एक पूर्व हवलदार को भारी पड़ गया। ऑनलाइन ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर महाराष्ट्र निवासी पूर्व फौजी साथी पर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी है।
पीड़ित ने रिटायरमेंट के बाद मिले करीब 50 लाख रुपये के फंड के अलावा रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर भी आरोपी के बताए बैंक खातों में रकम जमा कराई। जब काफी समय बाद भी पैसा वापस नहीं मिला तो ठगी का शक गहराने लगा। पीड़ित तरसेम सिंह निवासी गांव तलवंडी भंगेरियां ने चार जून 2026 को एसएसपी मोगा को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच के बाद थाना मैहना में महाराष्ट्र निवासी अभिजीत किशोर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र जाने की तैयारी में है। 14 पंजाब यूनिट में हुई थी दोस्ती तरसेम सिंह के अनुसार वह 31 दिसंबर 2021 को सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवा के दौरान 14 पंजाब यूनिट में उनकी मुलाकात नायक अभिजीत किशोर निवासी सांगली, महाराष्ट्र से हुई थी। शिकायत के मुताबिक अभिजीत सेना में रहते हुए ट्रेडिंग का काम करता था और साथी जवानों को निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा देता था। पुराने संबंध और सेना में साथ रहने के कारण तरसेम सिंह को उस पर पूरा विश्वास था।
19 मार्च 2024 से शुरू हुआ पैसों का सिलसिला आरोप है कि रिटायरमेंट के बाद अभिजीत ने तरसेम सिंह से संपर्क किया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसा लगाने पर रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया। इसके बाद 19 मार्च 2024 से तरसेम सिंह ने अलग-अलग किश्तों में पैसे भेजने शुरू किए। उन्होंने बैंक खातों और एफडी से करीब 50 लाख रुपये निकालकर आरोपी द्वारा बताए गए कोटक महिंद्रा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की। जब अपनी रकम कम पड़ गई तो पीड़ित ने परिचितों और रिश्तेदारों से भी उधार लिया। शिकायत के अनुसार रूप सिंह से पांच लाख, बलविंदर सिंह से तीन लाख, एक अन्य मित्र बलविंदर सिंह से एक लाख और सुखदीप सिंह से तीन लाख रुपये लिए गए। इसके अतिरिक्त अन्य जानकारों से भी रकम लेकर आरोपी के खातों में भेजी गई। पीएनबी खातों में 7.04 लाख, 10.70 लाख और 6.02 लाख रुपये समेत कुल एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। रकम मांगने पर आया दूसरा किरदार जब तरसेम सिंह ने निवेश की गई रकम वापस मांगी तो अभिजीत कथित तौर पर बहाने बनाने लगा।
इसी दौरान अनिल मोहन नामक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को वकील बताया। उसने दावा किया कि अभिजीत किसी मामले में जेल में बंद है। उसे जेल से बाहर निकलवाने के लिए पैसे देने की बात कही गई और भरोसा दिलाया गया कि रिहा होने के बाद अभिजीत पूरी रकम लौटा देगा। पीड़ित के अनुसार इस बहाने उससे अतिरिक्त पैसे भी लिए गए। जांच के बाद दर्ज हुआ मामला लगातार रकम वापस न मिलने पर तरसेम सिंह ने एसएसपी मोगा से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस कप्तान (इन्वेस्टिगेशन) की निगरानी में मामले की जांच की गई। पुलिस के अनुसार जांच में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप सामने आने के बाद अभिजीत किशोर के खिलाफ धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जल्द पुलिस टीम महाराष्ट्र भेजी जाएगी।

