Govt Sets Benchmark with 70,862 Merit-Based Jobs : अमृतसर। PUNSUP के चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को 70,862 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा, रोजगार और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से आम परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
बराड़ ने आगे कहा कि शिक्षा क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए ऐतिहासिक सुधारों के परिणाम अब सामने आने लगे हैं। जब 2022 में मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब 27वें स्थान पर था; लेकिन, केंद्र सरकार द्वारा किए गए हालिया मूल्यांकन के अनुसार, पंजाब ने अब प्राथमिक शिक्षा में पहला स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
बराड़ ने बताया कि शिक्षकों को फिनलैंड, सिंगापुर और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है, ताकि वे अपने शिक्षण कौशल को और बेहतर बना सकें और आधुनिक शैक्षिक तकनीकों से परिचित हो सकें। इसके अलावा, ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ (Schools of Eminence) छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उनके सपनों को साकार करने के बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा वह मुख्य साधन है जो गरीबी के चक्र को तोड़ सकती है और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बदल सकती है। उन्होंने कहा कि NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के छात्रों का शानदार प्रदर्शन, शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलाव का स्पष्ट प्रमाण है। वर्ष 2021 में, सरकारी स्कूलों के केवल 80 छात्र ही NEET परीक्षा के लिए योग्य (क्वालीफाई) हो पाए थे।
यह संख्या अब बढ़कर 882 हो गई है—यानी इसमें लगभग 11 गुना की वृद्धि हुई है। यह गर्व की बात है कि आज रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर और इंजीनियर बनने के अपने सपने पूरे कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को पंजाब सरकार की मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है। इससे महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे आम परिवारों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि बिजली का बिल शून्य आने से जो पैसे बचते हैं, उनका इस्तेमाल लोग अपने बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए कर सकते हैं। सरकार का मकसद सरकारी खजाने का इस्तेमाल राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने के बजाय आम जनता की भलाई के लिए करना है।

