मोगा: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें गुरुपर्व को समर्पित काशी से लाई गई पवित्र चरण धूल के कलश की भव्य शोभायात्रा सोमवार को मोगा शहर में श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस दौरान शहरवासियों ने जगह-जगह शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया और संगत की ओर से पुष्पवर्षा की गई। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर भी लगाए गए।इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. हरजोत कमल ने कहा कि धन-धन श्री गुरु रविदास महाराज जी की पवित्र वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में 16 रागों में दर्ज है। गुरु रविदास महाराज जी ने अपनी वाणी के माध्यम से पूरी मानवता को समानता, भाईचारे, सेवा और सद्भावना का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी की जन्मभूमि काशी से उनके पवित्र चरणों की धूल का कलश 650वें गुरुपर्व के अवसर पर देशभर में श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में पहले मोगा जिले के विभिन्न गांवों में शोभायात्राएं निकाली गईं और अब शहर में भी कलश की शोभायात्रा निकाली गई। डॉ. हरजोत कमल ने कहा कि शोभायात्रा के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। विभिन्न स्थानों पर संगत द्वारा समोसे, मीठे पानी और अन्य खाद्य पदार्थों के लंगर लगाए गए। लोगों ने श्रद्धा के साथ कलश का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की।उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती अपने गुरुओं, पीरों और संतों को श्रद्धा से याद करने वाली धरती है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे आने वाली पीढ़ी को गुरु साहिबान की शिक्षाओं और अपनी संस्कृति से जोड़ें।उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा माता-पिता की सेवा करना तथा गुरुओं की शिक्षाओं पर चलना हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। यदि हम अपनी नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ेंगे तो परिवारों में प्रेम, एकता और आपसी भाईचारा और मजबूत होगा। उन्होंने गुरु रविदास महाराज जी के चरणों में अरदास करते हुए सभी परिवारों के लिए सुख-शांति, स्वास्थ्य और चढ़दी कला की कामना की।
इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाओं में सबसे प्रमुख संदेश समाज में समानता स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि जात-पात, ऊंच-नीच और किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करके ही सही अर्थों में सामाजिक समरसता कायम की जा सकती है।विजय शर्मा ने गुरु रविदास जी के प्रसिद्ध संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मन पवित्र हो और व्यक्ति अपने कर्म ईमानदारी से करे तो परमात्मा की प्राप्ति के लिए केवल तीर्थ यात्राएं करना ही जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने माता-पिता की सेवा और सम्मान को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने मानवता को मेहनत, सच्चाई और सेवा का मार्ग दिखाया। यदि हम समाज के प्रत्येक व्यक्ति में परमात्मा की ज्योति को महसूस करते हुए समानता और भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़ें तो यही जीवन की वास्तविक सार्थकता है।विजय शर्मा ने कहा कि इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए मोगा जिले के विभिन्न गांवों में भी शोभायात्राएं निकाली गईं और अब मोगा शहर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर इस पहल को भरपूर समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम करवाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपने गुरुओं, संतों और समृद्ध विरासत से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से जाति और ऊंच-नीच का भेदभाव समाप्त नहीं होता, तब तक वास्तविक सामाजिक प्रगति संभव नहीं है।विजय शर्मा ने लोगों से अपील की कि गुरु रविदास महाराज जी के 650वें जन्मदिवस के अवसर पर उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें और नई पीढ़ी को समानता, भाईचारे, सेवा और सच्चाई का मार्ग दिखाएं।
📍 Location: मोगा

