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गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Grand Nagar Kirtan Marks Guru Ram Das Ji’s Prakash Purab : अमृतसर। चौथे पातशाह श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में अमृतसर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब से भव्य नगर कीर्तन सजाया गया। सुनहरी पालकी में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन का जगह-जगह फूलों की वर्षा, जयकारों और लंगर के साथ स्वागत किया गया। घंटा घर प्लाजा पहुंचने पर पंजाब पुलिस ने सलामी दी, जबकि हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने माहौल को दिव्य बना दिया।

यह नगर कीर्तन श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ। जहां नगाड़ों की गूंज, जयकारों की ध्वनि और नरसिंहों (पारंपरिक वाद्ययंत्रों) की आवाज़ें गूंज रही थीं। अरदास के बाद, सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी, सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को एक सुनहरी पालकी में विराजमान किया। तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार, सिंह साहिब ज्ञानी टेक सिंह ने चंवर साहिब की सेवा निभाई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन पर फूलों की वर्षा करके अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुए इस नगर कीर्तन का, ऐतिहासिक द्वारों को जोड़ने वाले मार्ग पर विभिन्न संगठनों और संगत की ओर से भव्य स्वागत किया गया।

कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने ‘पंच प्यारों’ और ‘निशानची सिंहों’ को सिरोपा भेंट कर अपना सम्मान प्रकट किया; वहीं, संगत की ओर से विभिन्न प्रकार के लंगर की व्यवस्था भी की गई थी। पूरी यात्रा के दौरान लोग सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए चौथे पातशाह (गुरु रामदास जी) के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट कर रहे थे। जब यह शोभा यात्रा घंटा घर प्लाजा पहुंची, तो पंजाब पुलिस ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को औपचारिक सलामी देकर सम्मान व्यक्त किया। वहीं, एक हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा ने वहां का दृश्य अत्यंत दिव्य और भव्य बना दिया। सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, जो इस नगर कीर्तन में शामिल थे, ने श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश गुरपुरब (जन्म दिवस) के अवसर पर सभी को बधाई दी।

उन्होंने संगत को गुरु के विचारों और दर्शन के अनुसार अपना जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। ज्ञानी अमरजीत सिंह ने कहा कि हर सिख का यह मूल कर्तव्य है कि वह गुरु की शिक्षाओं का दृढ़ता से पालन करे और गुरमत (सिख) जीवन शैली को अपनाए। इसी बीच तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने भी चौथे पातशाह (गुरु रामदास जी) के प्रकाश गुरपुरब पर संगत को बधाई दी और उनसे बानी (दिव्य ज्ञान/ग्रंथ) और बाना (सिखों की विशिष्ट वेशभूषा/पहचान) दोनों को अपनाने का आग्रह किया। नगर कीर्तन के दौरान, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और संगत के सदस्यों के अलावा, श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह, शिरोमणि कमेटी के जूनियर उपाध्यक्ष एस. बलदेव सिंह कलियान, मुख्य सचिव एस. कुलवंत सिंह मन्नान, और कार्यकारी समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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