Green Ammonia Technology Tested on 110 Acres : बठिंडा। किसानों को यूरिया पर निर्भरता से राहत दिलाने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की दिशा में नई पहल की गई है। PAU-कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), बठिंडा ने गेहूं की फसल में ग्रीन अमोनिया तकनीक का प्रायोगिक प्रदर्शन शुरू किया है। जिले में अब तक करीब 110 एकड़ भूमि को इसमें शामिल किया गया है। वैज्ञानिक इस तकनीक के जरिए नाइट्रोजन के बेहतर उपयोग और फसल की पैदावार पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
अब तक, बठिंडा जिले में लगभग 110 एकड़ भूमि को इस पहल के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह प्रयास भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (ATARI), ज़ोन-1, लुधियाना और PAU-कृषि विज्ञान केंद्र, बठिंडा द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य यूरिया के संभावित विकल्प के रूप में ग्रीन अमोनिया का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना, नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना और मिट्टी के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है।
इस तकनीक में एक विशेष मशीन का उपयोग करके ग्रीन अमोनिया को मिट्टी की सतह से लगभग 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंचाया जाता है, जिससे नाइट्रोजन का कुशल उपयोग सुनिश्चित होता है। मिट्टी की उर्वरता, नाइट्रोजन की उपलब्धता, और फसल की वृद्धि तथा पैदावार पर इसके प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा रहा है। इस अवसर पर, KVK बठिंडा के उप निदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. गुरदीप सिंह ने कहा कि कृषि में नाइट्रोजन की बढ़ती मांग को देखते हुए, उर्वरक प्रबंधन के लिए नए और वैकल्पिक तरीके विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संस्थान ग्रीन अमोनिया के माध्यम से फसलों को नाइट्रोजन प्रदान करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए शोध कर रहा है और प्रदर्शन आयोजित कर रहा है।
यदि वैज्ञानिक प्रयोगों के परिणाम सफल रहते हैं, तो यह तकनीक भविष्य में यूरिया पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकती है। इस मौके पर, KVK बठिंडा के सहायक प्रोफेसर (मृदा विज्ञान) डॉ. तेजबीर सिंह बुट्टर ने कहा कि टिकाऊ कृषि के लिए फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना भी जरूरी है। उन्होंने किसानों को ‘खेत बचाओ’ अभियान के उद्देश्यों के बारे में बताया और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया।

