पंजाब डेस्क: पराली जलाने से जुड़ी समस्याओं को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से गुरदासपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि जिला उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आदित्य ने सोमवार को कटाई के बाद की स्थिति का जायज़ा लिया और किसानों से सीधी बातचीत कर उनके सुझाव भी सुने।
80% कटाई पूरी, पराली जलाने की कोई घटना नहीं:
उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह ने जानकारी दी कि सोहल गाँव में इस समय लगभग 80 प्रतिशत फसल की कटाई हो चुकी है और अब तक पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि किसानों ने पराली प्रबंधन को लेकर सकारात्मक सहयोग दिया है और प्रशासन की पहल को समर्थन प्रदान किया है।
किसानों की मांग कटाई और बुवाई के बीच मिले अधिक समय:
उपायुक्त सिंह ने बताया कि किसानों ने सुझाव दिया है कि अगर फसल की कटाई और अगली फसल की बुवाई के बीच थोड़ा अधिक समय दिया जाए, तो पराली जलाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन इस सुझाव को सरकार तक पहुँचाएगा ताकि इस दिशा में नीति-निर्माण किया जा सके।
एसएसपी ने बताई प्रगति की तस्वीर:
एसएसपी आदित्य ने कहा कि पिछले वर्ष सोहल गाँव में पराली जलाने की कई घटनाएँ सामने आई थीं, लेकिन इस वर्ष ऐसी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन द्वारा किसानों के साथ मिलकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए गए हैं। अब तक 270 से अधिक बैठकें किसान संगठनों के साथ की जा चुकी हैं।
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PPF और पुलिस का समन्वित प्रयास:
एसएसपी ने यह भी बताया कि पंजाब पुलिस और पंजाब प्रोटेक्शन फोर्स (PPF) मिलकर क्षेत्र में कानून का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं। साथ ही, फायर सेफ्टी और पराली के पूर्व-प्रबंधन के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अन्य जिलों की स्थिति भी सुधर रही:
गौरतलब है कि बठिंडा जिले में इस बार केवल एक पराली जलाने की घटना सामने आई है, जो दर्शाता है कि प्रशासनिक प्रयास धीरे-धीरे असर दिखा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में पराली जलाने की समस्या को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।

