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गुरदासपुर अस्पताल ग्रेनेड हमले मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: तरनतारन से दबोचा गया मुख्य आरोपी

Gurdaspur Hospital Grenade Attack Case

Gurdaspur Hospital Grenade Attack Case

पंजाब डेस्क: गुरदासपुर जिले के कलानौर स्थित एक निजी अस्पताल पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान धर्मिंदर उर्फ तिंडी के रूप में हुई है, जो कलानौर थाना क्षेत्र के अगवान गांव का निवासी बताया जा रहा है।

CCTV फुटेज से खुली वारदात की परतें

जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में आरोपी अस्पताल परिसर के आसपास काफी देर तक घूमता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि वह करीब 15 मिनट तक अस्पताल के बाहर मौजूद रहा और हालात का जायजा लेता रहा। उस समय ओपीडी में मरीजों की भीड़ होने के कारण उसने हमला नहीं किया। बाद में वह इमरजेंसी वार्ड की ओर गया, जहां लोगों की संख्या बेहद कम थी। मौका मिलते ही उसने अस्पताल परिसर के एक कोने में ग्रेनेड फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने ग्रेनेड अस्पताल के रिसेप्शन या भीड़भाड़ वाले हिस्से में फेंकने के बजाय एक किनारे पर फेंका। यदि हमला उस समय किया जाता जब ओपीडी में अधिक संख्या में मरीज मौजूद थे, तो बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। सौभाग्यवश विस्फोट के समय इमरजेंसी वार्ड लगभग खाली था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

फॉरेंसिक जांच में ग्रेनेड हमले की पुष्टि

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। अस्पताल की खिड़कियों के शीशे टूटे मिले और आसपास विस्फोटक के छर्रों के निशान पाए गए। वैज्ञानिक जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि अस्पताल को ग्रेनेड से निशाना बनाया गया था।

तकनीकी जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल गठित किया। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे तरनतारन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि हमले के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसकी साजिश कहां रची गई थी।

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पहले भी दर्ज है आपराधिक मामला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी धर्मिंदर उर्फ तिंडी के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अस्पताल पर हमला करने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे इसके लिए उकसाया था।

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