Gurdeep Kaur Backs Chawla, Seeks Probe : लुधियाना। 1984 सिख नरसंहार वेलफेयर सोसाइटी की महिला विंग की अध्यक्ष गुरदीप कौर ने एसजीपीसी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले को लेकर उनके समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
उन्होंने कहा कि आरोप गंभीर हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन शिकायतकर्ता महिला की पृष्ठभूमि, विभिन्न गुरुद्वारों में उसके कथित वीआईपी ठहराव और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। गुरदीप कौर ने घटना के सामने आने में हुई कथित देरी और परिवार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर चावला को सजा मिलनी चाहिए। चावला के खिलाफ 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी और वह आरोपों को गलत व मनगढ़ंत बता चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि अमरजीत चावला पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन आरोप लगाने वाली महिला की पृष्ठभूमि की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बहरीन से आई उस महिला को अलग-अलग गुरुद्वारों में VIP ट्रीटमेंट मिल रहा था; उसके मकसद और इन धार्मिक स्थलों पर उसके ठहरने के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद इन आरोपों का सामने आना किसी साजिश की ओर इशारा करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद से महिला का परिवार सामने नहीं आया है; छह महीने तक परिवार का उससे कोई संपर्क न होना और ऐसी घटना के बावजूद उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आगे कहा कि अगर उच्च-स्तरीय जांच में यह बात सामने आती है… तो अमरजीत चावला को सजा मिलनी चाहिए; साथ ही, उन्होंने कहा कि अकाल तख्त सर्वोच्च है और चावला को सोच-समझकर वह फैसला लेना चाहिए था।

