अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की धर्म प्रचार कमेटी की तरफ से शुरू किए गए ‘चलदा वहीर गुरमत प्रचार और अमृत संचार लहर’ के तहत आज गुरुद्वारा अचल साहिब (बटाला) में श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान पर एक खास गुरमत समागम हुआ। इसका मकसद संगत को गुरबानी, सिख रहत मर्यादा और गुरमत जीवन से जोड़ना था। इस दौरान बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया और गुरबानी का लाभ उठाया।
इस मौके पर खास तौर पर पहुंचे सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने संगत को गुरबानी की शिक्षाओं के अनुसार अपना जीवन जीने और अमृत का वरदान पाकर गुरु वाले बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुरबाणी इंसान को सच्चाई, सेवा, ध्यान, विनम्रता और दान के रास्ते पर चलने के लिए गाइड करती है। गुरुओं के दिखाए जीवन के रास्ते को अपनाकर इंसान अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से ऊंचा उठा सकता है और समाज की भलाई में भी योगदान दे सकता है।
उन्होंने संगत को प्रेरित किया कि आज के समय में गुरबाणी से जुड़ना, बच्चों को सिख धर्म के मूल्यों से जोड़ना और सिख आचार संहिता के अनुसार जीवन जीना बहुत जरूरी है। अमृत की देन लेकर गुरु साहिब के दिखाए रास्ते पर चलना सिख जीवन की एक अहम प्रेरणा है। इस दौरान SGPC के अंदरूनी सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल, सदस्य गुरनाम सिंह जस्सल, धर्म प्रचार कमेटी के एडिशनल सेक्रेटरी भगवंत सिंह धंगेरा, हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह धोतियां ने भी संबोधित किया। इससे पहले प्रचारक ढाढ़ी और कविशर जत्थों ने संगत को इतिहास से जोड़ा।
इस बीच, अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों के स्टूडेंट्स के लिए पगड़ी मुकाबले भी करवाए गए, जिसमें 13 स्कूलों के करीब 820 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। दो हिस्सों में हुए पगड़ी कॉम्पिटिशन में पहले हिस्से में काका नवजोत सिंह ने पहला, काका अभिजोत सिंह ने दूसरा और काका सहबाज सिंह ने तीसरा स्थान जीता। इसी तरह, दूसरे ग्रुप में काका बलजीत सिंह ने पहला, काका कुलजीत सिंह ने दूसरा और काका सहजप्रीत सिंह ने तीसरा स्थान जीता।
इस अवसर पर एसजीपीसी के अंतरिम सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल, सदस्य गुरनाम सिंह जस्सल, हल्का इंचार्ज राजनबीर सिंह घुम्मण, श्री नरेश महाजन, ओएसडी सतबीर सिंह, निजी सचिव साहबाज सिंह, धर्म प्रचार कमेटी के अतिरिक्त सचिव भगवंत सिंह धंगेरा, उप सचिव हरभजन सिंह वक्ता, सुखबीर सिंह, सतनाम सिंह रियार, श्री दरबार साहिब के जनरल मैनेजर मेजर सिंह अर्जन मंगा, हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह धोतियां, मैनेजर मलकीत सिंह, जगदीप सिंह, कंवलजीत सिंह सुपरवाइजर भूपिंदर सिंह बुट्टर, मोहनजीत सिंह, हरबंस सिंह, नरिंदर सिंह सेखवां, बलराज सिंह, जसवंत सिंह तुगलवाल, बाबा सोमनाथ सिंह, अमनबीर सिंह गोराया, कुलजीत सिंह रंगीलपुर, बलजीत सिंह, आकाशदीप सिंह, सूबेदार सुखजिंदर सिंह कादियान, प्रिंसिपल हरविंदर कौर कादियान, बीबी बलजीत कौर और बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।

