अमृतसर: पंजाब सरकार द्वारा पास किए गए ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (अमेंडमेंट) एक्ट 2026’ के मुद्दे पर श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा बनाई गई कानूनी एक्सपर्ट्स और जानकारों पर आधारित कमेटी की एक अहम मीटिंग आज श्री आनंदपुर साहिब में हुई।
गौरतलब है कि अमेंडमेंट एक्ट 2026 को लेकर पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई कोऑर्डिनेशन कमेटी के नोडल ऑफिसर ने 23 अक्टूबर, 2026 को सेक्रेटेरिएट श्री अकाल तख्त साहिब को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी से बात करने के लिए लिखा था। इसके बाद सेक्रेटेरिएट श्री अकाल तख्त साहिब ने यह जानकारी एक्सपर्ट कमेटी के कोऑर्डिनेटर को भेजी और उनसे आगे की कार्रवाई करने को कहा। जिसके बाद आज एक्सपर्ट कमेटी ने मीटिंग की और इस मामले पर चर्चा की। मीटिंग में श्री अकाल तख्त साहिब के एक्टिंग जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज, जस्टिस (रिटायर्ड) एस. रूपिंदर सिंह सोढ़ी, जस्टिस (रिटायर्ड) एस. मोहिंदर मोहन सिंह बेदी, सीनियर एडवोकेट एस. पूरन सिंह हुंदल, सिख स्कॉलर डॉ. केहर सिंह और प्रो. जगमोहन सिंह मौजूद थे।
मीटिंग में पंजाब सरकार की बनाई कोऑर्डिनेशन कमेटी के नोडल ऑफिसर की तरफ से कानून के बारे में श्री अकाल तख्त साहिब की एक्सपर्ट कमेटी से बात करने के लिए लिखे गए लेटर पर चर्चा हुई। लंबी बातचीत के बाद एक्सपर्ट कमेटी ने फैसला किया कि बातचीत आगे बढ़ाने से पहले पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब के 29 जून 2026 को जारी ऑर्डर के मुताबिक अमेंडमेंट एक्ट 2026 को लागू करने पर पूरी तरह रोक लगाए और ऑर्डर के मुताबिक अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी भेजे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एक्सपर्ट कमेटी की मीटिंग हुई थी और 7 अगस्त 2026 को एक प्रेस स्टेटमेंट के ज़रिए पंजाब सरकार को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा 29 जून 2026 को जारी किए गए आदेशों पर कम्प्लायंस रिपोर्ट देने को कहा गया था, लेकिन अब तक सरकार ने ऐसा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब तक श्री अकाल तख्त साहिब की मंज़ूरी नहीं मिल जाती, तब तक इस एक्ट को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
कमेटी मेंबर्स ने कहा कि पंजाब विधानसभा स्पीकर एस. कुलतार सिंह संधवान द्वारा 8 मई 2026 और बाद में 29 जून 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब से पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और MLA को दिए गए आदेशों के बावजूद, यह सरकार की खराब पॉलिसी है कि पंजाब सरकार ने अमेंडमेंट एक्ट 2026 में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दर्ज भावनाओं के अनुसार अब तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार की ईमानदारी इसी बात से साबित होगी कि सरकार पहले इस कानून को लागू करने पर पूरी तरह से रोक लगाए।

