फिरोजपुर Gurudwara Guru Ramdas Puri Armanpuri : बाढ़ से सीमा से सटे दर्जनों गांव पानी में डूब जाने से घर से बेघर हुए हजारों बाढ़ पीड़ितों की सहायता और उन्हें राशन व लंगर पहुंचाने का काम करने के लिए गुरुद्वारा गुरु रामदास पुरी अरमानपुरी (आंसल) के मुख्य सेवादार भगत मिल्खा सिंह ने सेवादारों की टीमें तैयार कर ली है। सेवादार भगत मिल्खा सिंह ने जिला प्रशासन और पीड़ितों तक संदेश पहुंचा है की यदि जरुरत पड़ती है तो पीड़ित परिवार के रहने खाने, पीने का प्रबंध भी गुरुद्वारा साहिब में कर लिए गए है और बाढ़ पीडितों के लिए 24 घंटे दरवाजे खुले रहेंगे। वहीं गुरुद्वारा रामदास अरमानपुरी के मुख्य सेवादार भगत मिल्खा सिंह शनिवार को बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए लंगर तैयार किया और पशुओं के लिए भूसे और हरे चारे की कई ट्रालियां बाढ़ से प्रभावित गांवों के लिए रवाना की।
इतना ही नही भगत मिल्खा सिंह गांव वालों की ओर से बाधों की मजबूती के लिए किए जा रहे कार्य के लिए मशीनों ट्रैक्टर व अन्य जरूरी वाहनों के लिए डीजल का भी प्रबंध कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र वासियों के सहयोग से ही ये नेक कार्य किया जा रहा है। इस मौके भगत मिल्खा सिंह और इंदरपाल सिंह, कौरजीत सिंह, गुरजीत सिंह मल्ली, सुखजिंदर सिंह कुलगारी, इंद्रपाल सिंह, निरवैर सिंह, मनप्रीत सिंह सरपंच, गुरजीत सिंह, सुखदेव सिंह, अमरीक सिंह नंबरदार, जग्गा सिंह, जगदीप सिंह, जसबीर सिंह ठेकेदार, गुरमेज सिंह, नरिंदर सिंह सोढ़ी, जगदीश सिंह मल्ली, गुलजार सिंह, बलवीर सिंह, गुरचरण सिंह सरपंच, बलविंदर सिंह गुरदेव सिंह, बलजीत सिंह सभी सेवादारा राशन और लंगर की ट्रालिया और पशुओं के लिए हरा चारा और भूसा तूड़ी लेकर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के लिए रवाना हुए।
वेरका मिल्क प्लांट फिरोजपुर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद की
फिरोजपुर: फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों में बाढ़ के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं पशुपालकों और दूध उत्पादकों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। संकट की इस घड़ी में वेरका मिल्क प्लांट फिरोजपुर ने मानवता की मिसाल पेश करते बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की। चेयरमैन गुरभेज सिंह टिब्बी के नेतृत्व में वेरका की टीम लगातार राहत शिविरों में दूध और दूध से बने उत्पाद उपलब्ध करा रही है। वेरका के महाप्रबंधक सुज्ञान प्रसाद सिंह खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। किसानों ने वेरका के इस प्रयास की सराहना की। महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि सहकारी समितियों का उद्देश्य संकट के समय अपने सदस्यों और समाज की सहायता करना है और वेरका इस प्रतिबद्धता को पूरा करेगा। इस मौके पर जिला प्रशासन के सहयोग से वेरका टीम गांव बरीके, दुलची और बघेला के राहत शिविरों में दूध और अन्य सामान पहुंचा रही है, जो खासकर बच्चों और बुजुगोर्ं के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।

