पंजाब डेस्कः संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर उनकी जन्मभूमि मऊ में समारोह आयोजित किया गया। इस मौके राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के वाइस चेयरमैन हरदीप सिंह गिल, मध्य प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन प्रताप कुरेशिया और समाजसेवी नेता जलपेश बघेला ने विशेष रूप से शिरकत कर बाबा साहिब को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। समारोह के दौरान नेताओं ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए उनके विचारों को याद किया और समाज में समानता व न्याय के लिए उनके योगदान को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर हरदीप सिंह गिल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने केवल संविधान की रचना ही नहीं की, बल्कि पीड़ित वर्गों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी दिलाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में बाबा साहिब के सिद्धांत और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं और हर व्यक्ति को उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब का संघर्षमय जीवन और संविधान निर्माण में उनका अमूल्य योगदान देशवासियों के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान दुनिया में बेमिसाल है, जो समानता, न्याय, मानवाधिकार, महिलाओं के अधिकार और देश की एकता का प्रतीक है।
हरदीप गिल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा और उन्होंने हर वर्ग के लिए बराबरी की जोरदार वकालत की। उनके आदर्शों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को डॉ. अंबेडकर और देश की अन्य महान हस्तियों की जीवनी पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, ताकि युवा उनके संघर्षों को समझ सकें और समाज व देश की प्रगति में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज में फैली असमानताओं को समाप्त करने के लिए जीवन भर संघर्ष किया और उनकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से आज की पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए आयोग द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
इस मौके जलपेश बघेला ने कहा कि बाबा साहिब के विचार केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए हैं। उन्होंने समाज में भेदभाव खत्म करने और समान समाज की स्थापना के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। समारोह में अन्य सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भी भाग लिया और बाबा साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों को जागरूक करते हुए सामाजिक न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने और समाज में समानता, भाईचारे व न्याय की स्थापना के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

