Last Updated: November 5, 2026

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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पारदर्शिता, कार्यकुशलता बढ़ाने और पेंशनरों की सुविधा हेतु आई.टी. आधारित वित्तीय मॉड्यूलों का उद्घाटन

February 18, 2025

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पारदर्शिता, कार्यकुशलता बढ़ाने और पेंशनरों की सुविधा हेतु आई.टी. आधारित वित्तीय मॉड्यूलों का उद्घाटन

चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक ट्रांसफॉर्मेशन की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज यहां तीन महत्वपूर्ण आई.टी. आधारित वित्तीय मॉड्यूलों का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य राज्य में वित्तीय पारदर्शिता और कुशलता को बढ़ाने के साथ-साथ पेंशनरों के कल्याण को सुनिश्चित करना है। पेंशनर सेवा पोर्टल (पीएसपी) का उद्घाटन करते हुए वित्त मंत्री ने पंजाब सरकार की अपने पेंशनरों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को जाहिर किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह डिजिटल प्लेटफार्म पेंशन से संबंधित सेवाओं के लिए तैयार किया गया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह पोर्टल कोषागार से बैंकों तक पेंशन अदायगी के मामलों की निर्विघ्न प्रक्रिया की सुविधा देगा, पेंशन अदायगियों में देरी को कम करेगा, रीयल-टाइम केस ट्रैकिंग और शिकायतों के सुचारू समाधान को सुनिश्चित करेगा।

वित्त मंत्री चीमा ने गैर-कोषागार एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (एन.टी.-आई.एफ.एम.एस) का भी उद्घाटन किया, जो कि वन और वर्क्स विभागों द्वारा प्रबंधित जमा कार्यों की लेखा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक अग्रणी गैर-कोषागार लेखा प्रणाली है। उन्होंने एन.टी.-आई.एफ.एम.एस के फायदों की रूपरेखा बताते हुए कहा कि यह मॉड्यूल कोषागार के माध्यम से न होने वाले खर्चों और प्राप्तियों के लिए तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह मॉड्यूल पारदर्शिता, मासिक खातों को ए.जी. कार्यालय में पेश करने और संकलन को सुनिश्चित करते हुए सब-मॉड्यूलों जैसे कि एन.टी.-एम.आई.एस, एन.टी.-अकाउंटिंग, एन.टी.-बिलिंग और एन.टी.-रसीद के जरिए सही रिपोर्टिंग से बेहतर फैसले लेने में सुधार करेगा।

एस.एन.ए- स्पर्श, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए एक नई फंड प्रवाह विधि का उद्घाटन करते हुए, जिसमें एफ.एम.एस, स्टेट आई.एफ.एम.एस और आर.बी.आई के ई-क्यूबेर सिस्टम के एकीकृत ढांचे के माध्यम से लाभार्थियों को रीयल-टाइम फंड ट्रांसफर करना शामिल है, वित्त मंत्री ने कहा कि यह विधि बैंक खातों में राज्य के धन की पार्किंग को रोकेगी, ऋणों पर फ्लोट की लागत को कम करेगी और राज्य स्तर पर नकद प्रबंधन की कुशलता में सुधार करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को अक्टूबर 2024 में एस.एन.ए- स्पर्श लागू करने के लिए चुने गए राज्यों की सूची में शामिल किया गया था और रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से वित्त विभाग ने 31 जनवरी, 2025 तक सफलतापूर्वक 09 केंद्र प्रायोजित योजनाओं को सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड किया है, जिससे राज्य भारत सरकार से 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने का दावा कर सका है।

समारोह के अंत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कोषागार और लेखा, एन.आई.सी, और पी.एम.एफ.एस टीम के संबंधित अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण मील के पत्थरों को प्राप्त करने के लिए अथक प्रयासों हेतु सराहना करते हुए दिल से बधाई दी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वित्त अजोय कुमार सिन्हा, सचिव व्यय विजय नामदेव राव जादे, निदेशक ट्रेज़री एवं अकाउंट्स मुहम्मद तैयब, उप महालेखाकार रवि नंदन गर्ग, उप महालेखाकार मनीषा तूर, अतिरिक्त निदेशक टी एंड ए सिमरजीत कौर और क्षेत्रीय निदेशक आरबीआई विवेक श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

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