मोगा (रिपोर्टर दलीप कुमार): दिव्यांग कर्मचारी एकता मंच मोगा के जिला प्रधान हर्ष कुमार गोयल ने दिव्यांग कर्मचारियों और दिव्यांग श्रेणी से संबंधित व्यक्तियों की लंबे समय से लंबित मांगों व समस्याओं की ओर पंजाब सरकार और केंद्र व राज्य सरकारों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग वर्ग की अनदेखी करना सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। सरकारों को इस वर्ग के अधिकारों और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
हर्ष कुमार गोयल ने कहा कि दिव्यांग कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ रहा है। राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज एक्ट, 2016 (आरपीडी एक्ट) की हिदायतों को प्रभावी ढंग से लागू करवाने, आरक्षण, पदोन्नति, सेवा सुविधाओं और अन्य अधिकारों से संबंधित मामलों का उचित समाधान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें सरकारी विभागों में व्यावहारिक रूप से लागू किया जाना चाहिए।
चुनावी घोषणा पत्रों में स्पष्ट वादे शामिल करने की मांग
जिला प्रधान ने कहा कि भारत भर में करीब छह करोड़ 33 लाख दिव्यांग व्यक्ति हैं, जबकि पंजाब में दिव्यांग श्रेणी से संबंधित व्यक्तियों की संख्या करीब 10 लाख है। उन्होंने पंजाब की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे अपने चुनावी घोषणा पत्रों में दिव्यांग कर्मचारियों और दिव्यांग वर्ग से संबंधित लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार, पदोन्नति, स्वास्थ्य, पेंशन, परिवहन, सहायक उपकरणों और अन्य जरूरी सुविधाओं संबंधी स्पष्ट व समयबद्ध वादे शामिल करें।
उन्होंने कहा कि इन वादों को केवल चुनावों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार बनने के बाद इन्हें अमली रूप देने के लिए जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए, ताकि दिव्यांग वर्ग को अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए बार-बार संघर्ष न करना पड़े।
विशेष बैठक बुलाकर लंबित मामलों का समाधान हो
हर्ष कुमार गोयल ने पंजाब सरकार से मांग की कि दिव्यांग कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष बैठक बुलाई जाए। इसमें संगठन के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करके लंबे समय से लंबित मामलों का निर्धारित समय के भीतर निपटारा किया जाए। इसके साथ ही दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बनाए गए कानूनों और नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करवाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियों से दिव्यांग वर्ग के अधिकारों और सुविधाओं को अपने चुनावी घोषणा पत्रों में प्रमुखता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि दिव्यांग कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा तो वे समय और परिस्थितियों के अनुसार लोकतांत्रिक ढंग से उचित फैसला लेने के लिए मजबूर होंगे।
📍 Location: मोगा

