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नकली पनीर पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती

Health department’s strictness on fake cheese : मोगा। असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर बेचने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है। जिला फूड अफसर योगेश गोयल ने कहा कि दूध की बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य पदार्थों से तैयार एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचना उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एनालॉग पनीर बेचना उपभोक्ताओं से धोखा

जिला फूड अफसर योगेश गोयल ने बताया कि असली पनीर दूध से तैयार किया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में दूध की जगह मुख्य रूप से वनस्पति तेल, रिफाइंड, स्टार्च और अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता है। देखने में यह सामान्य पनीर जैसा प्रतीत होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य असली पनीर से पूरी तरह अलग होता है। ऐसे उत्पाद को पनीर के रूप में बेचना उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें समय-समय पर बाजारों, डेयरी उत्पादों की दुकानों, होटलों, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कर रही हैं। यदि किसी स्थान पर एनालॉग पनीर की बिक्री या खाद्य पदार्थों में इसका इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता या संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मिलावटी पनीर बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

योगेश गोयल ने सभी डेयरी संचालकों और खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे केवल मानकों के अनुरूप और सुरक्षित खाद्य पदार्थ ही उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाएं। किसी भी प्रकार की मिलावट या प्रतिबंधित उत्पाद की बिक्री को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी आग्रह किया कि पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकिंग और लेबल की अच्छी तरह जांच करें। यदि किसी दुकान पर संदिग्ध या प्रतिबंधित पनीर बेचे जाने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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