मोहाली: जिला सेहत विभाग की ओर से मोटे अनाज के फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 15 जनवरी को मोहाली में मिलेट्स का मेला लगाया गया। इस मेले का आयोजन खाद्य एवं औषधि प्रशासन पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और खेती विरासत मिशन के तहत कराया गया। मिलेट्स मेला में पीजी आई व पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से शिवालिक पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया ।स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने मिलेट्स खाने से बीमारियों से मुक्ति की बात की व पंजाब के नागरिकों को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर व मिनरल्स युक्त मिलेट्स को अपने भोजन में नियमित रूप से सेवन करने की अपील भी की।
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह ने कहा कि 2023 में भारत के आह्वान पर यूएनओ द्वारा घोषित , विश्व में 72 देश इंटरनेशनल ईयर आफ मिलेट्स 2023 मना रहे हैं, पंजाब भी इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहा है व किसान हितों की नीतियों पर आधारित कदम उठाए जाएंगे। मेले में लाइव कुकिंग सेशन , मिलेट्स की विस्तृत जानकारी के लिये एग्जीबिशन, कच्चे मिलेट्स से लेकर रेडी टू ईट मिलेट्स , मिलेट्स डिशेज़ व सिर्फ मिलेट्स के लंच ने सबको खूब आकर्षित किया।
मेले के नॉलेज पार्टनर व 17 वर्षों से मिलेट्स के फायदों की जागरूकता में जुटे खेती विरासत मिशन के किसानों ने मिलेट्स की खेती के अपने अनुभव सबसे शेयर किए व सभी को अपनी थाली में अपने मूल अनाज को फिर से शामिल करने की अपील की। केवीएम के किसानों ने कहा कि यदि पंजाब की धरती को बचाना है तो सिर्फ मिलेट्स की खेती ही हमारी धरती माँ की रक्षा करने की क्षमता रखती है। साथ ही मिलेट्स किसानों ने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह व विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह से मिलेट्स फसलों के लिए खरीद नीति व एमएसपी की मांग की ।
मेले के मुख्य वक्ता खेती विरासत मिशन के कार्यकारी निर्देशक उमेंद्र दत्त ने कहा की किसान मिलेट्स की खेती करने के लिए तैयार हैं और कर भी रहे हैं , मिलेट्स जो स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संबंधी मुद्दों को हल करने और स्थायी कृषि की ओर एक आदर्श बदलाव करने को तैयार हैं ।मेले में फार्मर की इनकम सिक्योरिटी को लेकर एक ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन हुआ जिसमें किसान रशपिंदर सिंह, डॉक्टर पीएस मान डॉ रमेश अरोड़ा डॉ रंजीत सिंह पीजीआई डॉक्टर गुरविंदर सिंह डॉ दलजीत सिंह ने भाग लिया व सेशन के मॉडरेटर उमेंद्र दत्त रहे । किसान रष्पिंदर जो चार से पांच साल से मिलेट्स की खेती कर रहे हैं, ने कहा कि सरकार को मिलेट्स किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि वे सभी कीटनाशकों और अन्य उर्वरकों जैसे रासायनिक आदानों के बिना मिलेट्स उगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मिलेट्स की फसल वर्षा पर आधारित है, इसलिए भारी मात्रा में पानी का संरक्षण करती है।
सरकार को अपनी कृषि विविधीकरण योजना में मिलेट्स की फसलों को शामिल करना चाहिए ताकि किसानों को आर्थिक रूप से समर्थन मिल सके। लोगों की थाली में मिलेट्स परोसने तक मिलेट्स के प्रसंस्करण सहित कटाई के बाद की गतिविधियां एक प्रमुख हिस्सा हैं। सरकार को मिलेट्स प्रसंस्करण इकाई चलाने वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक कार्य योजना बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसका प्रयास केवीएम द्वारा लगातार वर्षों से जारी है।
खेती विरासत मिशन के कार्यकारी निदेशक उमेंद्र दत्त ने कहा कि मिलेट्स हमारे प्राचीन खाद्य प्रधान (मूल अनाज) हैं और पंजाब को सभ्यतागत संकट से बचाने का एकमात्र तरीका है। खाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा केवल मिलेट्स को हमारे भोजन में शामिल करके ही हासिल की जा सकती है । मिलेट्स के कई लाभ हैं जैसे स्वास्थ्य और पोषण, उर्वरक से मिट्टी का संरक्षण, धान और गेहूं से पैदा होने वाली पराली जलाने की समस्या का समाधान, वर्षा आधारित पानी की भारी बचत। इसलिए, मिलेट्स की खेती और खपत पारिस्थितिकी को बहाल करने और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को पूरा करने में मदद करती है। मिलेट्स के लंच में तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए गए। दर्शकों को फॉक्सटेल मिलेट्स डोसा, कोदो हलवा, कंगनी-खीर, मिलेट्स के स्नैक्स और सूप, बार्नयार्ड खिचड़ी परोसी गई।
