पटियाला: जिला पुलिस की CIA टीम ने हनी ट्रैप के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 युवतियों और 2 पुरुषों समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह गैंग लोगों को अपने जाल में फंसाकर बाद में उनसे पैसे ऐंठता था। गैंग के सदस्य पीड़ितों को डराकर और उनकी निजी तस्वीरें या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बार-बार पैसों की मांग करते थे।
पहले दोस्ती, फिर हनी ट्रैप
बताया जा रहा है कि गैंग की 4 युवतियां पहले लोगों से बातचीत और दोस्ती करती थीं। इसके बाद उन्हें किसी जगह मिलने के लिए बुलाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें ऐसी स्थिति में फंसाया जाता था, जिससे बाद में उनका वीडियो बनाया जा सके। युवतियों की मीठी-मीठी बातों और भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। लेकिन बाद में यही स्थिति पीड़ितों के लिए परेशानी का कारण बन जाती थी।
खुद को पुलिसकर्मी बताकर रेड
गैंग का तरीका यहीं खत्म नहीं होता था। आरोप है कि इसके बाद एक व्यक्ति खुद को पुलिस का सब-इंस्पेक्टर या ‘सिपाही साहब’ बताकर मौके पर पहुंचता था। वह वहां पुलिस की तरह कार्रवाई करने का दिखावा करता और पीड़ित युवक या अन्य लोगों के वीडियो बना लेता था। इसके बाद इन्हीं वीडियो को आधार बनाकर उन्हें डराने और ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू किया जाता था।
बार-बार पैसों की मांग
पीड़ितों से कभी 1 लाख रुपये, तो कभी 50 हजार रुपये की मांग की जाती थी। कई बार पैसे देने के बाद भी मांग बंद नहीं होती थी और दोबारा पैसे मांगे जाते थे। पीड़ितों को धमकी दी जाती थी कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। इस डर के कारण कई लोग दबाव में आ जाते थे।

नकली पुलिस आईडी कार्ड भी बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान गैंग के पास से पुलिस भर्ती के दो कॉन्स्टेबल आईडी कार्ड भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ये आईडी कार्ड नकली थे और इनका इस्तेमाल लोगों को पुलिस का डर दिखाने के लिए किया जाता था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी हथियार भी बरामद किया है।
6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
CIA टीम ने कार्रवाई करते हुए गैंग की 4 युवतियों और 2 पुरुषों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे कितने पैसे वसूले गए। जांच के दौरान गैंग के काम करने के तरीके और इसके संपर्क में रहे अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।