Hoshiarpur: होशियारपुर-जालंधर मार्ग पर मंडियाला अड्डे के पास टैंकर में थोड़ी-बहुत ही गैस थी। अगर यह पूरा भरा होता तो तबाही और भी ज्यादा होती। टैंकर और इसे टक्कर मारने वाली सब्जी से भरी पिकअप गाड़ी दोनों ही पूरी तरह जल गई हैं। अगर इनमें कोई फंसा रहा हो तो वह भी जिंदा ही जल गया होगा, फिर भी पुलिस दोनों गाड़ियों के मालिकों और ड्राइवरों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
मौका मुआयना करने पर दैनिक सवेरा की टीम ने जब यह जानने की कोशिश की कि गैस से भरा टैंकर गांव के अंदर पतली सी गली में क्यों मुड़ रहा था तो लोगों ने कहा कि रात में इधर आए दिन टैंकर घुसते हैं और अंदर खेतों में जाकर अवैध सिलैंडरों में बची-खुची गैस भरवाते हैं। जब टैंकर संकरी गली में मुड़ रहा था तो पीछे से दूसरी गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। इसी कारण टैंकर का वॉल्ब खुला, गैस फैली, आग लगी, विस्फोट हुआ और आधा गांव भस्म हो गया। 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, 3 दर्जन से ज्यादा झुलसे पड़े हैं और मौत से जूझ रहे हैं। दोनों गाड़ियां अहमदाबाद में हादसाग्रस्त एयर इंडिया के बोइंग विमान की तरह बुरी तरह जल गई हैं। यह पता नहीं चला है कि दोनों वाहनों के ड्राइवरों का क्या हुआ। आशंका है कि वे भाग गए हैं या वाहनों के साथ जल गए हैं। पुलिस जांच कर रही है।
गांव के सुरजीत सिंह ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। गैस से भरा कैंटर मडियाला गांव के अंदर जाने के लिए जैसे ही सड़क से यू टर्न लेकर मुड़ने लगा तो जालंधर की तरफ से सब्जी से भरी आ रही महेंद्र पिकअप जीप के चालक ने कैंटर को टक्कर मार दी जिससे कैंटर के बाल खुल जाने से गैस ने आग का रूप धारकर सारे गांव को अपनी चपेट में ले लिया।
सरकारी अस्पताल होशियारपुर में उपचाराधीन गुरमुख सिंह ने बताया कि वह खेत से आने के बाद बाथरूम में नहाने गया था। एक धमाके की आवाज आने जैसे ही उसने बाथरूम का दरवाजा खोला तो एकदम से आग की लपटें घर के अंदर तक प्रवेश कर गई। जिससे फ्रिज, टीवी, एलसीडी के साथ साथ कमरे में खड़ी मोटरसाइकिल जलकर राख हो गए। उसने तुरंत अपनी पत्नी अमरजीत कौर को बिजली का मीटर बंद करने के लिए आवाज लगाई,तब तक वह भी आग की चपेट में आ गई थी। उसकी बहू व बेटी भी आग की चपेट में आ गई तो वह उसी समय अपने छोटे पोते को कंबल में लपेट कर बाहर भाग निकला।
होशियारपुर के एसपी मेजर सिंह ने कहा कि हादसे को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। लोगों का आरोप है कि गैरकानूनी तरीके से गैस भरी जा रही है, उस एंगल पर भी जांच कर रहे हैं। क्रेन मंगवा कर टैंकर और पिकअप को हाईवे से हटाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि पिकअप सीधे एलपीजी टैंकर के नीचे लगी नोजलों से टकराई। इससे गैस रोकने के लिए लगी नोजलें डैमेज हो गईं। इससे गैस का रिसाव हुआ और उसने आग पकड़ ली। हादसे के बाद पिकअप बुरी तरह से जल गई।
घायलों में शामिल राघव (20) ने कहा, ‘हमने तेज धमाके की आवाज सुनी। जैसे ही हम गेट की ओर भागे, अचानक लपटों ने हमें घेर लिया।’ हादसे में राघव और उसकी मां सुखजीत कौर गंभीर रूप से झुलस गए।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के मूल वासी भगवान दास (53) ने कहा, ‘मेरी पत्नी और 3 बच्चे सो रहे थे, तभी अचानक मेरा कमरा आग की लपटों से घिर गया। हम सब बुरी तरह से झुलस गए।’ मंडियाला के गुरमुख सिंह (56) ने बताया, ‘मैं नहा रहा था, तभी विस्फोट हुआ। अचानक लपटों ने हमें घेर लिया। मेरी पत्नी, बेटी और बहू झुलस गई। किसी तरह मैंने पोते को कंबल में लपेटकर बचाया।’

