चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रत्यक्ष निगरानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के आदेश पर विजिलेंस ब्यूरो ने एक नाबालिग के जब्त फोन से जुड़े मामले में ₹1,00,000 की रिश्वत लेने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, फाजिल्का के एसएचओ सहित तीन अन्य पुलिस कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आप मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा, “चाहे अधिकारी किसी भी स्तर का हो, चाहे वह मंत्री हो, विधायक हो, आईएएस/पीसीएस अधिकारी हो या कोई भी सरकारी कर्मचारी हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और हमारी सरकार एक ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।” यह मामला तब प्रकाश में आया जब 17 वर्षीय दिलराज सिंह के पिता धरमिंदर सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, फाजिल्का द्वारा रिश्वत की मांग के सबूत के साथ माननीय मुख्यमंत्री से संपर्क किया। साइबर टिपलाइन की शिकायत के बाद थाने ने नाबालिग का फोन जब्त कर लिया था। परिवार द्वारा मामले को सुलझाने के बार-बार प्रयास करने के बावजूद, उन्हें मामला निपटाने के लिए रिश्वत देने पर मजबूर किया गया। चीमा ने सतर्कता ब्यूरो के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘यह मामला भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को उजागर करता है।
इस मामले में त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार आम नागरिक के पक्ष में है और हर स्तर पर न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है।” गिरफ्तार अधिकारियों में एसएचओ, एक रीडर और दो कांस्टेबल शामिल हैं। वे अब हिरासत में हैं और कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। पंजाब सरकार आश्वासन देती है कि पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। आम आदमी पार्टी सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में कई पहल शुरू की हैं। मंत्री चीमा ने कहा, ‘‘आप सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने और लोगों को न्याय दिलाने के अपने मिशन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।’’
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