Fazilka: फाजिल्का के सीमावर्ती इलाके में बहने वाली सतलुज नदी की बाढ़ ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। अब तक सीमावर्ती इलाके के एक दर्जन से ज्यादा गांवों की सैकड़ों एकड़ फसलें पानी की चपेट में आ चुकी हैं। इसके अलावा, गांवों की ढाणियों में रहने वाले कई लोगों के घर भी पानी की चपेट में आ गए हैं जिससे घरों को नुक्सान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। सीमावर्ती गांव झंगड़ भैणी निवासी सतनाम सिंह व अन्य ने बताया कि उनके गांव की लगभग 300 एकड़ फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा नदी के किनारे बसे कई घर भी पानी की चपेट में आ गए हैं।
गांव की 250 एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद
इसी तरह गांव राम सिंह वाली भैणी निवासी ओम सिंह, सुखविंदर सिंह व अन्य ने बताया कि बाढ़ के कारण उनके गांव की 250 एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं और कुछ घरों के पास भी पानी पहुंच गया है, जिससे घरों को भी नुकसान पहुंचने का डर है। इसी तरह गांव रेते वाली भैणी निवासी बचन सिंह, भगवान सिंह व अन्य ने बताया कि उनके गांव की लगभग 500 से 600 एकड़ फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इसी तरह, वल्हे शाह हिठाड़ और ढाणी सद्दा सिंह के ग्रामीण भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बलदेव सिंह, राम सिंह, करनैल सिंह निवासी वल्हे शाह हिठाड़ व अन्य ने बताया कि उनके गांव की लगभग 300 एकड़ फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है। कई घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। ढाणी सद्दा सिंह निवासी सोना सिंह, शिंदर सिंह व अन्य ने बताया कि उनके गाँव की लगभग 400 एकड़ फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है जिसके बाद बाढ़ के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है।
अभी तक कोई भी अधिकारी उनकी कोई जायजा लेने नहीं पहुंचा
उन्होंने बताया का इसके अलावा सीमावर्ती गांव दोना नानका, तेजारु हेला, चकरु हेला, मुहर जमशेर, गुद्दड़ भैणी व अन्य आस-पास के गाँवों की सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ की चपेट में आ गई है। साथ ही, कई घरों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बन गया है। लोगों का कहना है कि उनके गांवों के अलावा, आस-पास के कई गाँवों की 3000 एकड़ फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इसके बावजूद, अभी तक कोई भी अधिकारी उनकी कोई जायजा लेने नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि किसी से कोई मदद न मिलने के कारण, वे ख़ुद ही छोटे बांध बनाकर अपनी फ़सलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

