चंडीगढ़: पंजाब सरकार 8 लाख 2 हजार 493 पंजाबियों के मुफ्त राशन पर डाका मार रही है। क्योंकि, सरे आम दिख रहा है कि इन सभी के राशन कार्ड पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की गलतियों व नालायकियों के कारण रद्द हो रहे हैं, ना कि केंद्र सरकार के कारण। यह कहना है भारतीय जनता पार्टी पंजाब प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का।
शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार अगर पंजाब के डेढ़ करोड़ पंजाबियों के लिए मुफ्त राशन वर्षो से दे सकती है तो पंजाब के 8 लाख 2 हजार 493 का मुफ्त राशन क्यों रोकेगी। शर्मा ने तर्क दिया कि नैशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 स्पष्ट करता है कि किसी भी राज्य में किसे मुफ्त राशन की सुविधा मिलनी चाहिए, किसे नहीं, ऐसे लोगों की पहचान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
केंद्र सरकार सिर्फ प्रदेश द्वारा पहचान किए गए लोगों को मुफ्त राशन भेजती है। शर्मा ने कहा कि राशन कार्ड काटे जाने की असल वजह आम आदमी पार्टी के संस्थापक प्रशांत भूषण हैं। क्योंकि, उन्होंने ही सुप्रीम कोर्ट में केस दायर कर कहा था कि गरीबों की जगह अमीरों को भी मुफ्त राशन मिल रहा है। जिसके चलते कोर्ट ने योग्य / पात्र, लाभार्थियों को मुफ्त राशन मिले ऐसा यकीनी बनाने के आदेश पारित किए थे।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को लागू करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है क्योंकि एक्ट के तहत यह अधिकार राज्य सरकारों के पास है। तो भगवंत मान केंद्र सरकार पर आरोप क्यों लगा रहे हैं। अश्वनी शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ‘गरीबों के अधिकारों पर डाका डालना बंद नहीं किया गया तो भाजपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।’

