लुधियाना Saras Mela Ticket: 10 दिवसीय सरस मेला पी.ए.यू. के मैदान में शनिवार को शुरू हुआ। मेले को लेकर जहां प्रशासनिक अधिकारी और आयोजक पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं, वहीं ट्रैफिक पुलिस विभाग पर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों यातायात व्यवस्था संभालने की बजाय सरस मेले की एंट्री गेट की टिकटें बेचने की जिम्मेदारी थमा दी गई है, जिसके बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस का काम ट्रैफिक संभालना है या मेले की टिकटें बेचना। मॉडल टाउन के रहने वाले एक कारोबारी ने बताया कि शनिवार देर शाम को वह एक्टिवा पर सवार होकर पवेलियन मॉल से माल रोड की तरफ जा रहा था। तभी फाउंटेन चौक के पास उसे घर से जरूरी फोन आया और वह फोन सुनने लगा।
तभी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने उसे रोक लिया। कारोबारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे बताया कि अब उसका 5 हजार रु पए का चालान बनेगा। जब उसने चालान ना करने की गुजारिश की तो पुलिस वालों ने कहा कि यदि वह 500 रु पए की सरस मेले की टिकट ले ले, तो उसे बिना चालान छोड़ा जा सकता है। कारोबारी के अनुसार गुजारिश के बाद उसने पुलिस से एक सौ रु पए की पांच टिकटें खरीदीं और 100 रु पए अतिरिक्त गूगल पे के माध्यम से दिए। उसका कहना है कि पुलिसकर्मियों द्वारा ऐसा करना सीधा-सीधा नैतिक आचरण का उल्लंघन है और इससे विभाग की छवि खराब हो रही है।
उसने उच्च अधिकारियों से अपील की है कि ऐसे मामलों पर तुरंत ध्यान दिया जाए। वहीं ट्रैफिक विभाग के एक सूत्र ने बताया की सभी पुलिस ब्रांचों को टिकटें बांटी गई हैं लेकिन कर्मियों को सिर्फइच्छुक लोगों को ही टिकटें देने के निर्देश हैं। किसी पर जबरदस्ती करने की बात से साफ इनकार किया। दूसरी ओर ट्रैफिक अधिकारियों ने भी इस तरह की शिकायतों को नकारते हुए कहा कि पुलिस का काम सिर्फ यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।

