Last Updated: October 13, 2026

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बिना मंजूरी पोस्टर लगाने वालों पर होगी कार्रवाई : नगर निगम

October 13, 2026

बिना मंजूरी पोस्टर लगाने वालों पर होगी कार्रवाई : नगर निगम

Illegal Poster Campaigns Spoil the Look of Moga : मोगा। शहर में सरकारी और निजी इमारतों की दीवारों, बिजली के खंभों तथा मीटरों के आसपास बिना अनुमति पोस्टर चिपकाने का मामला सामने आया है। अकादमियों, कोचिंग सेंटरों, निजी संस्थानों और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी प्रचार सामग्री के कारण शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है।

शहरवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से अवैध पोस्टरबाजी के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, नगर निगम इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर, इश्तिहार और फ्लेक्स हटवाए जाएंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रचार के लिए पोस्टर लगाने वाले लोग न तो दीवारों की सुंदरता की परवाह कर रहे हैं और न ही इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि संबंधित संपत्ति सरकारी है या निजी। जगह-जगह हो रही पोस्टरबाजी के कारण शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में दीवारों पर किए गए रंग-रोगन के ऊपर पोस्टर चिपके हुए देखे जा सकते हैं। कई स्थानों पर एक पोस्टर के ऊपर दूसरा पोस्टर लगा दिया गया है।

पोस्टर हटाए जाने के बाद दीवारों पर गोंद और कागज के निशान रह जाते हैं, जिससे दीवारों की खूबसूरती खराब होती है। जिन दीवारों को साफ-सुथरा रखने के लिए रंग-रोगन कराया जाता है, वे कुछ ही समय बाद प्रचार सामग्री से ढक जाती हैं। अकादमियों और निजी संस्थानों के पोस्टर अधिक शहर में विभिन्न अकादमियों, शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, निजी प्रतिष्ठानों और कारोबारी संस्थानों के पोस्टर बड़ी संख्या में दिखाई दे रहे हैं। अपने संस्थानों, सेवाओं और कार्यक्रमों का प्रचार करने के लिए सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई जगह पर पोस्टर इस तरह चिपकाए गए हैं कि दीवारों की मूल सुंदरता ही दिखाई नहीं देती। इसके अलावा बिजली के खंभों और मीटरों के आसपास भी प्रचार सामग्री लगाई जा रही है।

सरकारी संपत्ति को भी नहीं बख्शा पोस्टरबाजी के कारण सरकारी संपत्तियां भी प्रभावित हो रही हैं। सरकारी दीवारों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाए जाने से न केवल शहर की सुंदरता खराब होती है, बल्कि सफाई व्यवस्था पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। पोस्टर हटाने के लिए संबंधित विभागों को दोबारा मेहनत करनी पड़ती है। इससे सरकारी धन और संसाधनों का भी इस्तेमाल होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि सार्वजनिक संपत्तियों को साफ-सुथरा रखने के लिए किए जाने वाले प्रयासों का क्या लाभ, जब कुछ ही दिनों में उन पर दोबारा पोस्टर चिपका दिए जाते हैं। राजनीतिक पोस्टर भी बन रहे परेशानी शहर में विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और नेताओं से संबंधित प्रचार सामग्री भी सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देती है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि यदि बिना अनुमति पोस्टर लगाना नियमों के खिलाफ है, तो राजनीतिक प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है और किसी भी व्यक्ति या संस्थान को सार्वजनिक संपत्ति का मनमाने ढंग से इस्तेमाल करने की छूट नहीं मिलनी चाहिए। कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रही मनमानी लोगों का कहना है कि पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे लोगों के हौसले बढ़ रहे हैं। एक ओर दीवारों और सार्वजनिक संपत्तियों को साफ रखने के लिए प्रयास किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रचार सामग्री चिपकाकर उनकी सुंदरता खराब कर दी जाती है। शहरवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि बिना अनुमति पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, शहर में विशेष अभियान चलाकर अवैध पोस्टर हटाए जाएं, ताकि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों की सुंदरता बरकरार रखी जा सके।

बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर हटाए जाएंगे : राकेश कुमार नगर निगम के इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने कहा कि शहर की दीवारों और बिजली के खंभों आदि पर पोस्टर लगाए जाने का मामला उनके ध्यान में आया है। वह शहर में लगे पोस्टरों की जांच करवाएंगे। यदि पोस्टर लगाने के लिए नगर निगम से मंजूरी ली गई है, तो ठीक है, लेकिन बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर, इश्तिहार और फ्लेक्स हटवाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की मंजूरी के बिना कोई भी पोस्टर नहीं लगा सकता। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगामी कार्रवाई भी की जाएगी।

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