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अमृतसर में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को लेकर पुलिस और नशा मुक्ति मोर्चा की अहम बैठक, नशे के हॉटस्पॉट्स पर होगी कार्रवाई

अमृतसर: पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के तहत अमृतसर में पुलिस प्रशासन और नशा मुक्ति मोर्चा के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में शहर में नशे की बिक्री वाले इलाकों की समीक्षा की गई और वहां आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई। साथ ही नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने की रणनीति भी बनाई गई।

बैठक में नशा मुक्ति मोर्चा की ओर से माझा जोन इंचार्ज (युद्ध नशों के विरुद्ध) दीक्षित धवन शामिल हुए। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से डीसीपी सिटी जसकरण सिंह तेजा मौजूद रहे। इसके अलावा नशा मुक्ति मोर्चा के जिला इंचार्ज अमृतसर शहरी हनी नाहर, वाइस इंचार्ज रणजीत सिंह और सभी हलका कोऑर्डिनेटर व वाइस कोऑर्डिनेटर भी बैठक में शामिल हुए। पुलिस विभाग की ओर से एडीसीपी सिटी-1, एडीसीपी सिटी-2, एडीसीपी सिटी-3 और शहर की सेंट्रल, ईस्ट, वेस्ट, साउथ और नॉर्थ सब-डिवीजनों के सभी एसीपी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान वार्ड डिफेंस कमेटियों (WDC), अन्य कमेटियों और स्थानीय लोगों की ओर से नशे की बिक्री और गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े जिन स्थानों की जानकारी दी गई थी, उन पर पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई चिन्हित जगहों पर पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई है। वहीं, बाकी जगहों पर भी जल्द कार्रवाई करने को लेकर योजना तैयार की गई।

इस दौरान लोगों की ओर से नशे से जुड़ी मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। साथ ही पुलिस और नशा मुक्ति मोर्चा के बीच बेहतर तालमेल बनाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।

इस मौके पर दीक्षित धवन ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूत बनाना है। इसके लिए वार्ड डिफेंस कमेटियों, आम लोगों और पुलिस प्रशासन का एक साथ मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त पंजाब का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है, जब पुलिस प्रशासन के साथ आम लोग भी इस मुहिम में सक्रिय रूप से सहयोग करें। उन्होंने अभियान को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने की अपील की।

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