
पंजाब डेस्क: 11 जुलाई 2025 को, सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक माननीय तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री, पंजाब एवं सह-चेयरमैन, एसबीएसएसयू, गुरदासपुर के कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में यूनिवर्सिटी के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक की शुरुआत डॉ. एस. के. मिश्रा, कुलपति द्वारा सरदार हरजोत सिंह बैस का गर्मजोशी से स्वागत करने के साथ हुई। डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए अपनी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षणिक स्तर पर सुधार, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा और छात्र केंद्रित शिक्षा की दिशा में कदम उठाए जाने की योजना शामिल थी। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय 2025-26 से उद्यमिता और कौशल विकास के लिए एक नया पाठ्यक्रम शुरू करेगा।

इस अवसर पर, उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स जैसी उभरती तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता स्थापित करने का लक्ष्य रखा जाएगा। इसके अलावा, वे यह सुनिश्चित करेंगे कि विश्वविद्यालय में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार किया जाए।

बैठक में माननीय चेयरमैन, सरदार हरजोत सिंह बैस ने विश्वविद्यालय द्वारा पिछले कुछ वर्षों में किए गए प्रयासों की सराहना की, विशेषकर प्रवेश प्रक्रिया सुधार के लिए किए गए कदमों की। उन्होंने विश्वविद्यालय से अनुरोध किया कि वह प्रवेश की प्रक्रिया में सुधार के लिए विस्तृत और सटीक डेटा रखें, जिससे रणनीतिक योजना बनाने में मदद मिल सके। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार का मुख्य ध्यान रोजगार और स्टार्टअप के क्षेत्र पर है, इसलिए विश्वविद्यालय को इन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इस बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट होता है कि सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी अपने शैक्षणिक और तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से सुधार कर रही है और आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय एक प्रमुख शैक्षिक केंद्र बन सकता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...