Last Updated: October 16, 2026

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अमृतसर में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे चलेंगे पटाखे; वाल्मीकि प्रकट दिवस पर भी रात 8 से 10 बजे तक अनुमति

October 16, 2026

अमृतसर में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे चलेंगे पटाखे; वाल्मीकि प्रकट दिवस पर भी रात 8 से 10 बजे तक अनुमति

अमृतसर : दिवाली और आगामी त्यौहारों के दौरान पटाखे चलाने को लेकर अमृतसर प्रशासन ने समय सीमा निर्धारित कर दी है। अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने पर पाबंदी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के आदेशों के अनुसार, दिवाली और भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। गुरुपर्व के अवसर पर सुबह 4 से 5 बजे और रात 9 से 10 बजे तक आतिशबाजी की अनुमति होगी। वहीं, क्रिसमस की पूर्व संध्या और नए साल की पूर्व संध्या पर रात 11:55 बजे से अगले दिन सुबह 12:30 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे।

केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति:

अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ग्रीन पटाखे ही बेचे और चलाए जा सकेंगे। इनमें लिथियम, पारा, आर्सेनिक, सीसा और बेरियम साल्ट जैसे प्रतिबंधित हानिकारक तत्व नहीं होने चाहिए। इसके अलावा किसी वेबसाइट या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटाखों की बिक्री भी नहीं की जा सकेगी।

शादी समारोह और धार्मिक आयोजनों के लिए भी नियम:

प्रशासन ने कहा कि शादी समारोहों में पटाखे चलाने के लिए मैरिज पैलेस मालिक को संबंधित लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। शोभायात्रा, नगर कीर्तन, प्रभात फेरी और अन्य आयोजनों में भी पटाखे चलाने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा। घनी आबादी वाले इलाकों और आग लगने की आशंका वाले स्थानों पर पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश:

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने नगर निगम आयुक्त, एसएसपी, सभी एसडीएम और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यकारी अभियंता को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित समय और नियमों के अनुसार ही पटाखे चलाएं। पटाखों से होने वाला ध्वनि और वायु प्रदूषण इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। इसलिए लोगों को जहां तक संभव हो, आतिशबाजी से परहेज करना चाहिए।

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