बठिंडा: गत दिवस बठिंडा विजिलैंस द्वारा डीएसपी कुलवंत सिंह लहरी की अगुवाई में बठिंडा के आरटीओ दफ्तर में की गई छापेमारी के बाद अब सामने आई अनियमियतता को लेकर मामले दर्ज हो रहे हैं। इस दौरान डिस्पोजल की 5 गाड़ियों की आरसीज को रिकार्ड में चढ़ाने के मामले में अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। विजिलैंस को यह गाड़ियां डबवाली से मिलने की उम्मीद है क्योंकि डबवाली में बिकने वाली जीपों पर अधिकांश नंबर बठिंडा के ही लगे हुए हुए हैं। इसके चलते विजिलैंस की टीम मामले की तह तक जांच करने के लिए मंगलवार को डबवाली के लिए रवाना हो चुकी है।
इस मामले में आरोपी नवीन कुमार व इंद्रजीत सिंह पर केस दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने आरसी के लिए बठिंडा के जाली एड्रैस दिए और एनओसी हासिल की हैं। विजिलैंस विभाग अब इस जांच में जुट गई है कि इस काम में आरटीओ दफ्तर के किस मुलाजिम की मिलीभगत है। इसके अलावा सरकारी मुलाजिम होते एजेंट का काम कर विभाग को चपत लगा रहे एक कर्मी के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।
विजिलैंस को सूचना मिली है कि एक व्यक्ति जोकि सरकारी मुलाजिम है लेकिन वह ड्यूटी पर जाने की बजाए आरटीओ दफ्तर में एजेंट का काम करता है, जबकि अपनी ड्यूटी पर किसी अन्य व्यक्ति को भेजता है। इस मामले में भी विजिलैंस ने जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस की ओर से सोमवार को आरटीए दफ्तर में छापामारी की गई थी। विजिलेंस की टीम सुबह 11 बजे के करीब दफ्तर में पहुंच गई थी, जो देर शाम तक दफ्तर में रिकार्ड की जांच करती है। जब तक विजिलेंस की टीम दफ्तर में रही, तब तक यहां पर हड़कंप मचा रहा। आरटीए दफ्तर में आने वाले एजेंट भी दूर ही रहे, हालांकि विजिलेंस द्वारा पूरे पंजाब में छापामारी की गई थी, जिसके तहत बठिंडा में भी जांच की गई।
विजिलेंस के डीएसपी कुलवंत सिंह की अगुवाई में टीम ने जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर व दूसरे फ्लोर पर बने आरटीए दफ्तर में कर्मचारियों को कंप्यूटर पर बिठाकर पूरे रिकार्ड की जांच पड़ताल की, हालांकि कुछ रिकार्ड को विजिलेंस ने अपने कब्जे में भी लिया है। असल में यहां पर अक्सर ही शिकायतें आती थी कि कर्मचारियों द्वारा काम नहीं किया जाता, जिसके चलते यह जांच की गई है। आरटीए दफ्तर के अधिकारियों का कहना है कि विजिलेंस टीम को पूरा सहयोग किया गया।
दूसरी तरफ विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान किसी को भी न तो दफ्तर से बाहर जाने दिया गया, न ही किसी को अंदर जाने दिया, जबकि 2 सुरक्षा कर्मी गेट पर तैनात रहे। इस दौरान अपने अलग-अलग काम के लिए आए लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि विजिलेंस की ओर से दफ्तर के सारे दस्तावेज खंगाले गए। हालांकि विजिलेंस के अधिकारी इसको रूटीन चैकिंग का नाम दे रहे हैं। लेकिन सूत्रों के अनुसार यह छापामारी दफ्तर संबंधी बार बार मिल रही शिकायतों के बाद की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी बठिंडा के आरटीए दफ्तर में पहले भी विजिलेंस की कई बार कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें एक बार पर एजेंट को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। विजिलेंस विभाग का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बनी रहे।
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