पटियाला: पटियाला की डिप्टी कमिश्नर डा. प्रीति यादव ने कहा है कि नशे की सप्लाई चेन बाधित होने के बाद इलाज करवाने वाले नशा पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पंजाब सरकार के आदेशानुसार जिला प्रशासन ने जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उपायुक्त ने आज यहां जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों को कौशल विकास केंद्रों के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इस अवसर पर उनके साथ मौजूद जिला पुलिस प्रमुख वरुण शर्मा ने कहा कि पटियाला पुलिस नशा तस्करों को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और पुलिस द्वारा सप्लाई चेन तोड़े जाने से और अधिक लोग नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए आगे आएंगे।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है कि जो लोग नशा छोड़ना चाहते हैं, उनके पुनर्वास की अवधि पूरी होने तक उनका पीछा किया जाएगा ताकि वे दोबारा नशे के दलदल में न फसें। इसलिए जिला चिकित्सा आयुक्त और साकेत ड्रग डिटॉक्सिफिकेशन एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर के साथ-साथ सिविल सर्जन के नेतृत्व में एसएमओ की टीमें यह सुनिश्चित करें कि इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया जाए। डा. प्रीति यादव ने जिले के तीन सरकारी मॉडल नशा मुक्ति केंद्रों साकेत अस्पताल, मॉडल नशा मुक्ति केंद्र राजिंदरा अस्पताल और सिविल अस्पताल राजपुरा, रैडक्रॉस के साकेत पुनर्वास केंद्र सहित 7 निजी नशा मुक्ति केंद्रों, 9 निजी पुनर्वास केंद्रों और 32 ओट क्लीनिकों के प्रदर्शन का भी आकलन किया।
इस अवसर पर एडीसी ईशा सिंगल, एसपी वैभव चौधरी, सिविल सर्जन डा. जगपाल इंद्र सिंह, जिला मैडीकल कमिश्नर डा. जसविंदर सिंह, साकेत अस्पताल की प्रोजैक्ट डायरैक्टर परमिंदर कौर मनचंदा, जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जोबनदीप कौर चीमा, डैडीकेटिड ब्रदर्स के सचिव हरप्रीत सिंह संधू, विनोद शर्मा व जन हित समिति से आहलूवालिया, पटियाला सोशल वैल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष विजय गोयल, डा. शिखा गोयल, डा. रूबी गुप्ता, डा. अभिनव शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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