Site icon Dainik Savera Times

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 200 मीटर आगे खिसकाई जाएंगी कंटीली तारें, किसानों को मिलेगी हजारों एकड़ जमीन

India Pakistan border

India Pakistan border

India Pakistan border: आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को मीडिया से बातचीत में दावा किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री से की गई मुलाकात में पंजाब से जुड़े कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इस बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा भारत–पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले किसानों की दशकों पुरानी समस्या का रहा।

हर चीज की होती है जांच
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान पिछले तीन-चार दशकों से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कंटीले तारों के पार स्थित जमीन पर खेती करने के लिए किसानों को कई तरह की पाबंदियों से गुजरना पड़ता है। किसानों को तय समय पर ही खेतों में जाने और लौटने की अनुमति मिलती है। खेतों में जाते समय ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, ट्रॉली, कंबाइन मशीन समेत हर कृषि उपकरण की जांच की जाती है। यहां तक कि अगर किसान कोई कृषि उपकरण खरीदता है, तो उसकी भी जांच होती है।

ये भी पढ़ें- घने कोहरे के कारण हुआ बड़ा सड़क हादसा, ट्रक ने कार को मारी टक्कर

पाबंदियों के कारण खेती करना मुश्किल
उन्होंने बताया कि सिर्फ मशीनें ही नहीं, बल्कि किसानों की भी सख्त तलाशी ली जाती है। उनके साथ काम करने वाले कृषि मजदूर, चाहे पुरुष हों या महिलाएं, सभी की चेकिंग की जाती है। कंटीले तारों के पार ट्यूबवेल लगाने की अनुमति न होने समेत कई अन्य समस्याओं के चलते खेती करना बेहद मुश्किल हो गया था। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए सीमावर्ती किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे कि या तो केंद्र सरकार उनकी जमीन अधिग्रहित कर उसका बाजार मूल्य दे या फिर कंटीले तारों को बॉर्डर के पास से आगे ले जाकर उनकी जमीन उन्हें वापस दी जाए।

ये भी पढ़ें- ‘असम किसी पाकिस्तानी एजेंट के आगे नहीं झुकेगा’, CM हिमंत बिस्वा सरमा का गौरव गोगोई पर हमला

कंटीले तार को 200 मीटर आगे बढ़ाने की मंजूरी
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत के बाद एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। भारत–पाकिस्तान सीमा पर कंटीले तार को 200 मीटर आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से हजारों एकड़ जमीन किसानों को वापस मिल जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और उनका वर्षों पुराना, गंभीर मुद्दा अब हल हो गया है।

Exit mobile version