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भारत-यूके व्यापार समझौते का पहला कदम: अमृतसर से ब्रिटेन के लिए पहली गारमेंट्स खेप रवाना

अमृतसर: द्विपक्षीय व्यापार में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित करते हुए, आज भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के तहत रेडीमेड गारमेंट्स (तैयार कपड़ों) की पहली निर्यात खेप को गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, अमृतसर के कार्गो टर्मिनल से सफलतापूर्वक हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह विशेष व्यावसायिक खेप एयर इंडिया की सीधी उड़ान के माध्यम से बर्मिंघम, यूके के लिए रवाना की गई है।

इस गौरवपूर्ण फ्लैग-ऑफ (हरी झंडी दिखाने के) समारोह को संयुक्त रूप से वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न किया गया, जिसमें आदित्य सिंह चौहान (डिप्टी DGFT), गौरव गुप्ता (असिस्टेंट डायरेक्टर), ए.के. शर्मा (एयरपोर्ट डायरेक्टर), वरुण (सीएसओ, एयरपोर्ट), आज़ाद सिंह (बगदाद/स्टेशन इंचार्ज, कार्गो, अमृतसर) और ऋषभ (इंपोर्ट एक्सपोर्ट एग्जीक्यूटिव, अमृतसर कार्गो) शामिल रहे।

भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA), जो 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है, दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को एक नए युग में ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम है।

इसके मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं

99 प्रतिशत भारतीय निर्यातों को बड़ी राहत

इस समझौते के प्रभाव में आते ही ब्रिटेन के बाजार में लगभग 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री (सीमा शुल्क मुक्त) प्रवेश मिलना सुनिश्चित हुआ है।

कपड़ा उद्योग (गारमेंट्स) को सीधा फायदा

CETA लागू होने से पहले, ब्रिटेन में भारतीय रेडीमेड कपड़ों और टेक्सटाइल पर 4 प्रतिशत से 16 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क लगता था। अब इस श्रम-प्रधान (labour-intensive) क्षेत्र के लिए यह शुल्क पूरी तरह से शून्य (0%) कर दिया गया है, जिससे ब्रिटिश बाजारों में भारतीय कपड़ों की मांग और हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को बल: अमृतसर कार्गो टर्मिनल से एयर इंडिया द्वारा सीधे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए माल भेजा जाना यह साबित करता है कि पंजाब और आसपास के स्थानीय निर्यातकों को अब बड़े महानगरों के हवाई अड्डों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय और ढुलाई लागत (Logistics Cost) दोनों की भारी बचत होगी।

📍 Location: Amritsar (Amritsar)

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