International Drug Syndicate Busted: अमृतसर: पंजाब को नशा मुक्त बनाने के अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह नेटवर्क पाकिस्तान स्थित तस्कर तनवीर शाह और कनाडा में बैठे उसके सहयोगी जोबन कलेर द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस कार्रवाई की जानकारी पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘x’ पर सांझा की।
In a massive crackdown, #Amritsar Commissionerate Police, with the support of #BSF and #Rajasthan Police, dismantles a major international drug cartel operated by #Pak-based smuggler Tanveer Shah and #Canada based handler Joban Kaler and recovers a huge consignment of 60.302 Kg… pic.twitter.com/KRCItxlxx0
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) June 30, 2025
बता दें कि, राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से 60.302 किलोग्राम हेरोइन की भारी खेप बरामद की गई है। जब्त की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय था। इस ऑपरेशन में इन तीन राज्यों से नौ मुख्य गुर्गों और हवाला चैनल्स से जुड़े ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग ड्रग्स की आपूर्ति और हवाला के ज़रिए पैसे के लेन-देन में शामिल थे।
-ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक अभियान
पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य को ड्रग्स और नार्को-आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है। अधिकारियों ने दोहराया कि पुलिस ड्रग्स की हर कड़ी को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बना रही है।
-सीमा पार साजिश बेनकाब
पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान की जमीन से संचालित हो रहा यह सिंडिकेट भारत में ड्रोन और अन्य तरीकों से ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। कनाडा स्थित जोबन कलेर पूरे नेटवर्क की मॉनिटरिंग करता था और हवाला के ज़रिए रकम की अदायगी सुनिश्चित करता था।
-नवीनतम टेक्नोलॉजी से निगरानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में ड्रोन मूवमेंट ट्रैकिंग, कॉल इंटरसेप्शन, और डिजिटल सर्विलांस जैसे अत्याधुनिक संसाधनों का उपयोग किया गया। इन तकनीकों की मदद से नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना संभव हुआ।

