
बठिंडा: जिला लाइब्रेरी बठिंडा में इंटरनेशनल लाइब्रेरी डे के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और पाठकों को पुस्तकालय की उपयोगिता तथा पढ़ने की आदत के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में एस. लछमन सिंह मलुका और एस. जसपाल सिंह मनखेरा विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पद्म श्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन और पुस्तकालय के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को बताया गया कि डॉ. रंगनाथन ने भारत में पुस्तकालय व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लाइब्रेरी इंचार्ज स्वर्णजीत कौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकालय केवल किताबें रखने की जगह नहीं है। यह ज्ञान हासिल करने, नई बातें सीखने और अपने विचारों को विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद पुस्तकालय की उपयोगिता आज भी बनी हुई है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को डॉ. रंगनाथन द्वारा पुस्तकालय व्यवस्था के लिए बनाए गए नियमों और उनके कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकालय आने और किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। इस अवसर पर जिला लाइब्रेरी का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका का संदेश दिया गया।
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