Last Updated: October 1, 2026

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IPF रूपनगर सहित चार जिलों के 30 पुलिस स्टेशनों पर करेगा ध्यान केंद्रित

March 26, 2025

IPF रूपनगर सहित चार जिलों के 30 पुलिस स्टेशनों पर करेगा ध्यान केंद्रित

रूपनगर: देश के चार राज्यों तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पंजाब में भारतीय पुलिस फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई परियोजना ह्यआंतरिक पुलिस सुधार की औपचारिक शुरूआत मंगलवार को पंजाब पुलिस मुख्यालय में आईपीएफ और पंजाब पुलिस के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ हुई। इस अवसर पर डीजीपी पंजाब श्री गौरव यादव, आईपीएस, डॉ. ईश कुमार आईपीएस (सेवानिवृत्त), उपाध्यक्ष आईपीएफ और परियोजना निदेशक, श्री एएस राय, आईपीएस, एडीजीपी/यातायात और सड़क सुरक्षा-सह- राज्य नोडल अधिकारी और आईपीएफ पर परियोजना के राज्य पर्यवेक्षक श्री जीएस संधू, आईपीएस (सेवानिवृत्त) उपस्थित थे।

पुलिस लाइन के ऑडिटोरियम में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एडीजीपी/ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा-कम-राज्य नोडल अधिकारी श्री एएस राय ने कहा कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से पंजाब पुलिस और भारतीय पुलिस फाउंडेशन के बीच आपसी सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे स्थानीय पुलिस के साथ आम नागरिकों की समस्याओं की पहचान करके और आवश्यक उपचारात्मक उपाय लागू करके पुलिस के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में नागरिक केंद्रित बदलाव लाया जा सकेगा, ताकि नागरिक पुलिसिंग को और अधिक सुविधाजनक और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सके।श्री राय ने बताया कि शुरू में आईपीएफ चार जिलों एसएएस नगर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब और खन्ना के 30 पुलिस स्टेशनों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

इसमें जिला रूपनगर के 09 पुलिस स्टेशन शामिल हैं, जिनमें पीएस सिटी रूपनगर, सदर रूपनगर, सिंह भोगवंतपुर, सिटी मोरिंडा, सदर मोरिंडा, चमकौर साहिब, आनंदपुर साहिब, नूरपुरबेदी और नंगल शामिल हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से परियोजना का परिचालन दायरा राज्य के अन्य जिलों तक बढ़ाया जाएगा।
एडीजीपी ने आगे कहा कि इस पहल के एक हिस्से के रूप में, शुरूआत में, आईपीएफ शोधकतार्ओं की टीम 25 मार्च 2025 से 2 अप्रैल 2025 तक जिला रूपनगर के पुलिस स्टेशनों में शिकायतकतार्ओं, पीड़ितों, गवाहों, दोषियों, विचाराधीन कैदियों, अग्रणी स्तर के पुलिस अधिकारियों, यातायात उल्लंघनकतार्ओं आदि सहित सभी हितधारकों के साथ सार्वजनिक परामर्श बैठकें आयोजित करेगी।

इस अवसर पर, डॉ. ईश कुमार आईपीएस (सेवानिवृत्त) ने कहा कि, आईपीएफ शोधकतार्ओं की टीम विभिन्न श्रेणियों के हितधारकों के साथ सार्वजनिक परामर्श बैठकें आयोजित करेगी, मुख्य समस्याओं की पहचान करेगी, एक परिवर्तन मैनुअल तैयार करेगी, परिवर्तन मैनुअल के आधार पर पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगी, आम नागरिकों पर पुलिस की पुन:-समायोजित कार्यशैली के प्रभाव का आकलन करेगी और फिर आवश्यकतानुसार स्थायी/परिपत्र आदेशों, एसओपी आदि के माध्यम से दिन-प्रतिदिन के पुलिस कामकाज में अपनाए जाने के लिए अच्छी तरह से स्थापित सिफारिशों का एक सेट प्रस्तुत करेगी।

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