Ishroop returns from the Commonwealth Games : लुधियाना। कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर लौटीं लुधियाना की 19 वर्षीय इशरूप नारंग का रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। कांस्य पदक से महज 0.5 अंक से चूकने के बावजूद इशरूप ने अपने जज्बे और प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।
स्वागत के दौरान उनकी मां भावुक होकर बेटी को गले लगाकर रो पड़ीं, जबकि इशरूप ने अगली बार भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने का संकल्प दोहराया। रेलवे स्टेशन पर उनके पहुँचने पर ढोल-नगाड़े बजाए गए। ब्रॉन्ज़ मेडल के मुक़ाबले में वह कनाडा की खिलाड़ी से 0.5 पॉइंट से हार गईं, लेकिन हारने के बावजूद उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया और आज लुधियाना स्टेशन पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस मौके पर उनकी माँ भावुक हो गईं और अपनी बेटी को गले लगाकर रोने लगीं। उनके कोच ने कहा कि भले ही वह हार गईं, लेकिन उन्होंने सबका दिल जीत लिया। सिर्फ़ 19 साल की उम्र में वह कॉमनवेल्थ गेम्स तक पहुँचीं और टॉप खिलाड़ियों का मुक़ाबला किया। यहां तक कि कई खिलाड़ियों को हराया भी। इस मौके पर इश्रोप ने कहा कि वह इससे पहले कई नेशनल मेडल जीत चुकी हैं। अब अगली बार भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा और उन्हें उम्मीद है कि वह उससे पहले और कड़ी मेहनत करेंगी और अगली बार ज़रूर मेडल जीतेंगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...