चंडीगढ़: पंजाब समेत पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पंजाब के गुरदासपुर और अमृतसर जिलों में तबाही का प्रमुख कारण बन रहे उज्ज नदी के पानी का मुद्दा आज पंजाब विधानसभा के सत्र में आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और अजनाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने जोरदार तरीके से उठाया।
धालीवाल ने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बहने वाली उज्ज नदी पर रणजीत सागर डैम की तर्ज पर जल्द से जल्द बांध का निर्माण करवाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे नदी के पानी का इस्तेमाल कृषि सिंचाई और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए भी किया जा सकेगा।
धालीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के करीब 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उज्ज नदी पर बांध बनाने के दावे और वादे किए जाते रहे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित पंजाब के लोगों की भलाई के लिए केंद्र सरकार के दावे और वादे अब तक खोखले साबित हुए हैं।
विधायक धालीवाल ने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने के कारण उज्ज नदी में अचानक बाढ़ आती है। उज्ज का तेज बहाव सीधे रावी नदी में पहुंचता है, जिससे रावी में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है। इसके बाद रावी का उफनता पानी बिना किसी प्रभावी रोकथाम के गुरदासपुर और अमृतसर जिलों, विशेषकर अजनाला विधानसभा क्षेत्र में भारी तबाही मचाता है।
उन्होंने कहा कि अजनाला क्षेत्र में हर साल बाढ़ का एक बड़ा कारण उज्ज नदी का अचानक बढ़ने वाला पानी बनता है। बाढ़ के कारण क्षेत्र के लोगों को फसलों, पशुधन, बुनियादी ढांचे और कई बार मानव जीवन के नुकसान का सामना करना पड़ता है।
धालीवाल ने बताया कि पिछले वर्ष उज्ज नदी के कारण रावी नदी में आई बाढ़ के चलते अजनाला क्षेत्र में 23 स्थानों पर धुस्सी बांध में दरारें और कटाव हुआ, जिससे 198 गांव सीधे प्रभावित हुए। 10 लोगों की मौत हुई, 59,793 एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हुई और 307 पशु बाढ़ की भेंट चढ़ गए।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने अजनाला पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान उन्होंने एक मांग-पत्र सौंपकर बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की थी। हालांकि, धालीवाल के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

